विश्व हिंदी दिवस पर हुए कार्यक्रम

राहुल अध्ययन केंद्र में मना विश्व हिंदी दिवस

मधुपुर. शहर के भेड़वा नावाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में शनिवार को विश्व हिंदी दिवस मनाया गया. साथ ही क्रांतिकारी लेखक व स्वतंत्रता सेनानी शिव वर्मा को स्मृति दिवस पर याद किया गया. उपस्थित लोगों ने शिव वर्मा की तस्वीर पर माल्यार्पण करते श्रद्धासुमन अर्पित किया. हिन्दी के संदर्भ में अपने विचार व्यक्त किये. इस अवसर पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि शिव वर्मा ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ देश की आजादी के लिए शहीद होने वाले क्रांतिकारियों के साथी थे. वे शहीदे आजम भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाकुल्लाह खां सरीखे क्रांतिकारियों के साथी थे. जिनका सपना देश में समाजवादी व्यवस्था की स्थापना करना था. उन्होंने सेलुलर जेल में अपनी पूरी जवानी गुजार दी. जेल से छूटने के बाद वो कम्युनिस्ट पार्टी व लेखन से जुड़कर कई महत्वपूर्ण रचनाएं किये. इसमें प्रमुख पूंजीवादी समाज, पूंजीवादी जनवादी, समाजवादी जनवादी व राजसत्ता रही. उन्होंने कहा कि आज हिन्दी का व्यापक विस्तार है. हिन्दी सिर्फ भाषा नहीं बल्कि विचारों की अभिव्यक्ति है. प्रेम, सौहार्द व भाईचारे का अमिट संदेश देनेवाली हिन्दी संपूर्ण विश्व की भावनाओं को व्यक्त करने का सशक्त माध्यम बन चुकी है. यह केवल भाषा नहीं हमारी संस्कृति, परंपरा व गौरव का प्रतीक है. सरलता, सहजता व सुगमता से ग्राह्य होने वाली भाषा को जन-जन तक पहचान है. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By BALRAM

BALRAM is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >