पति की मौत के 5 साल बाद भी Death Certificate नहीं, पेंशन के लिए भटक रही तरनी देवी

सारठ की विधवा तरनी देवी पति की मृत्यु के 5 साल बाद भी प्रमाण पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, वह पेंशन योजना से वंचित हैं.

सारठ: पति की मौत के पांच साल बाद भी मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं मिलने से सारठ की विधवा तरनी देवी सरकारी विधवा पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं. सारठ पंचायत के सारठ गांव स्थित बाउरी टोला की रहने वाली 30 वर्षीय तरनी देवी का कहना है कि वह पति का मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पिछले पांच वर्षों से सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रही हैं.

उन्होंने कई बार आवेदन दिया और 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम में भी अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी, लेकिन अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया. दस्तावेज के अभाव में वह पेंशन योजना की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पा रही हैं.

पति की मौत के बाद दो बच्चों की जिम्मेदारी

तरनी देवी के पति मिथुन बाउरी की करीब पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई थी. पति के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई. दो बच्चों के भरण-पोषण और घर का खर्च चलाना उनके लिए लगातार मुश्किल होता जा रहा है.

तरनी देवी बताती हैं कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों के लिए भोजन और दूसरी जरूरी जरूरतों का इंतजाम करने में भी काफी परेशानी होती है. ऐसे में सरकारी पेंशन उनके परिवार के लिए बड़ी आर्थिक मदद साबित हो सकती है.

पात्रता के बावजूद पेंशन से वंचित

तरनी देवी ने मुख्यमंत्री निराश्रित महिला सम्मान पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया, लेकिन पति का मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण आज तक पेंशन की स्वीकृति नहीं मिल सकी.

बताया गया कि तरनी देवी योजना के लिए पात्र हैं, लेकिन आवश्यक दस्तावेज नहीं होने की वजह से पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है. पांच वर्षों से मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रयास करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है.

सरकारी दफ्तरों के चक्कर के बाद अब विधायक से उम्मीद

तरनी देवी ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द पति का मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत कराने की मांग की है. साथ ही उन्होंने विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलाने की भी गुहार लगाई है, ताकि परिवार को आर्थिक सहारा मिल सके.

उनका कहना है कि पति की मौत के बाद घर चलाना बेहद मुश्किल हो गया है. यदि पेंशन का लाभ मिल जाए तो बच्चों की जरूरतें पूरी करने में कुछ राहत मिल सकती है.

क्या कहते हैं सारठ विधायक

सारठ विधायक चुन्ना सिंह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सारठ मुख्यालय की विधवा तरनी देवी अपने पति का मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए पांच वर्षों से भटक रही हैं, यह गंभीर बात है.

विधायक ने बताया कि उन्होंने BDO को तरनी देवी की समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया है. अब विधायक के निर्देश के बाद तरनी देवी को मृत्यु प्रमाण पत्र और पेंशन का लाभ कब तक मिल पाता है, इस पर सभी की नजर है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश सिन्हा

प्रभात खबर के वरीय पत्रकार है,वर्ष 2001 से प्रभात खबर से जुड़कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे है,विकास,लोगों की समस्या,शिक्षा,स्वास्थ्य व क्राइम से जुड़ी खबरे पर बेहतर कवरेज करते रहे है-प्रभात खबर सारठ कार्यालय के ब्यूरो प्राभारी है,इससे पूर्व में झारखण्ड जगरण, दैनिक रांची ,पहुंच मासिक पत्रिका पटना व ईटीवी में बतौर न्यूज इंफॉर्फ़र के रूप में काम कर चुके है,NOU पटना से M ,A ( Mass Comunication & Journalism ) की पढ़ाई की है,वर्ष 2013-14 तक झारखण्ड विधानसभा रांची में प्रेस सलाहकार समिति के सदस्य रहे है,अलावे सूचना एवं जन संपर्क विभाग राँची द्वारा गाँवो में सूचना के विकास पर शोध को लेकर झारखण्ड मीडिया फेलोशिप मिला चुका है एवं सूचना अधिकार अधिनियम 2005 में बेहतर काम करने के लिए वर्ष 2013 में झारखण्ड RTI फोरम द्वारा Media Information and Communication Centre Of India के द्वारा RTI CITIZEN AWARD से पुरस्कृत हो चुके है.

मोबाइल-9708654333 / 9431550805

Email -mith.sinha.sinha@gmail.com

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >