Shravani Mela 2024: बाबा नगरी देवघर में इस साल क्या भाव बिकेगा पेड़ा? यहां देखें सरकारी रेट

Shravani Mela 2024: झारखंड के देवघर में हर साल लगने वाले श्रावणी मेला की तैयारी तेज हो गई है. यहां के प्रसिद्ध पेड़ा और चूड़ा की कीमत भी तय हो गई है.

Shravani Mela 2024: बाबानगरी देवघर में इस साल क्या भाव बिकेगा पेड़ा, प्रशासन ने तय कर दिया है. प्रशासन ने श्रावणी मेले में प्रसाद की दर निर्धारण और अन्य मुद्दों पर एसडीओ सागरी बराल की अध्यक्षता में पेड़ा-चूड़ा के व्यवसायियों के साथ बैठक की. इसमें तय हो गया कि इस साल दुकानदार किस दर से पेड़ा बेचेंगे.

मेला क्षेत्र के दुकानदारों को लेना होगा ट्रेड और फूड लाइसेंस

एसडीओ ने सभी व्यवसायियों को बताया कि मेला क्षेत्र में दुकानदारों को नगर निगम से ट्रेड लाइसेंस और फूड सेफ्टी पदाधिकारी से फूड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने व्यवसायियों को दुकान के आगे अतिक्रमण नहीं करने का निर्देश दिया गया. डीसी के निर्देश पर यह बैठक बुलायी गयी थी.

देवघर आने वाले श्रद्धालु ले जाते हैं पेड़ा और चूड़ा का प्रसाद

एसडीओ ने कहा कि देवघर आने वाले श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करने के पश्चात यहां से प्रसाद के रूप में पेड़ा-चूड़ा एवं इलायची दाना खरीदकर ले जाते हैं. ऐसे में हम सभी की जिम्मेवारी है कि श्रावणी मेला के दौरान यहां आने वाले भक्तों को गुणवत्तापूर्ण व निर्धारित दर पर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवायी जाय.

श्रावणी मेला के लिए देवघर प्रशासन ने तय किया पेड़ा, चूड़ा और इलायची दाना का भाव.

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का ख्याल रखने का व्यापारियों को निर्देश

एसडीओ ने सभी खुदरा व थोक व्यापारियों को निर्देश दिया कि मेले के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाये व प्रतिष्ठान के ईद-गिर्द साफ-सफाई का भी विशेष ध्यान रखा जाये. खाद्य सामग्रियों पर यूज्ड बाय डेट लिखा होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें.

फूड लाइसेंस जल्द से जल्द रिन्यू कराने की सलाह

एसडीओ ने कहा कि जिनके फूड लाइसेंस की अवधि समाप्त हो गयी है, वैसे दुकानदार इसे रिन्युअल करा लें. बैठक में सहायक आयुक्त (जीएसटी) पृथ्वी लाल रॉय, डीएसओ सह पर्यटन के नोडल पदाधिकारी संतोष कुमार, फुड सेफ्टी पदाधिकारी संजय कुमार सहित पेड़ा, चूड़ा व इलायची दाना के थोक व खुदरा विक्रेता संघ प्रतिनिधि आदि उपस्थित थे.

अधिक कीमत वसूलने पर होगी कार्रवाई

एसडीओ ने कहा कि यदि किसी थोक या खुदरा विक्रेता द्वारा श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं से पेड़ा-चूड़ा या इलायची दाना के निर्धारित दर से अधिक वसूला जाता है, तो ऐसा करने वाले दुकानदारों के खिलाफ जिला प्रशासन द्वारा सख्त से सख्त कार्रवाई की जायेगी.

देवघर का प्रसिद्ध प्रसाद.

प्लास्टिक से बने किसी भी वस्तु का दुकान में न करें उपयोग

प्रशासन की ओर से सभी को निर्देश दिया गया कि प्लास्टिक से बने किसी भी वस्तु का प्रयोग अपने दुकानों में नहीं करेंगे. उन्होंने आगे कहा कि दुकानों में व उसके आसपास डस्टबिन की व्यवस्था की जाये व साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाये.

श्रावणी मेले में प्रसादों की निर्धारित दर

  • 800 ग्राम खोवा व 200 ग्राम चीनी वाला पेड़ा- 400 रुपये
  • 700 ग्राम खोवा व 300 ग्राम चीनी वाला पेड़ा-370 रुपये
  • रायपुर चुड़ा-5400 रुपये/ क्विंटल व 60 रुपये/किलो.
  • वर्द्धमान चुड़ा-4600 रुपये/क्विंटल व 50 रुपये/ किलो.
  • इलायची दाना -80 रुपये/किलो

श्रावणी मेला कहां लगता है?

श्रावणी मेला झारखंड के देवघर शहर में लगता है. यहां भगवान भोलेनाथ का प्रसिद्ध रावणेश्वर शिवलिंग है, जिसे मनोकामना लिंग भी कहते हैं. बिहार के सुल्तानगंज में भी श्रावणी मेला लगता है, क्योंकि यहीं से उत्तरवाहिनी गंगा का जल लेकर भगवान भोलेनाथ के श्रद्धालु बाबा मंदिर देवघर पहुंचते हैं और सभी मनोकामनाएं पूरी करने वाले बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते हैं.

देवघर में श्रावणी मेला कब से लग रहा है?

झारखंड के देवघर में इस बार श्रावणी मेला 22 जुलाई से लग रहा है. हर साल यह मेला एक महीने तक चलता है. मलमास में इसकी अवधि लंबी हो जाती है.

देवघर में पेड़ा की क्या कीमत है?

देवघर में पेड़ा की कीमत प्रशासन हर साल तय करता है. इस साल सरकार ने पेड़े की कीमत 370 रुपए और 400 रुपए तय की है. 800 ग्राम खोवा और 200 ग्राम चीनी वाले पेड़ा की कीमत श्रावणी मेला 2024 में 400 रुपए होगी. वहीं, 700 ग्राम खोवा और 300 ग्राम चीनी वाले पेड़े की कीमत 370 रुपए रखने का निर्देश प्रशासन ने व्यापारियों को दिया है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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