Deoghar News : बोल बम के जयकारों के बीच बाबा मंदिर में गूंज रहे आरती के दिव्य स्वर

बाबा बैद्यनाथ की नगरी इन दिनों सावन की भक्ति में पूरी तरह डूबी हुई है. श्रावणी मेले का रंग इस समय चरम पर है और बाबा दरबार में हर ओर सिर्फ आस्था, श्रद्धा और भक्ति का सैलाब नजर आ रहा है.

संवाददाता, देवघर : बाबा बैद्यनाथ की नगरी इन दिनों सावन की भक्ति में पूरी तरह डूबी हुई है. श्रावणी मेले का रंग इस समय चरम पर है और बाबा दरबार में हर ओर सिर्फ आस्था, श्रद्धा और भक्ति का सैलाब नजर आ रहा है. सुबह से लेकर देर रात तक बोल बम के जयघोषों के बीच बाबा मंदिर परिसर आरती के ज्योत से जगमगा रहा है. जलार्पण के बाद कांवरिये पूरी श्रद्धा से बाबा बैद्यनाथ की आरती करते हैं. बाबा मंदिर के इस्टेट पुरोहित श्रीनाथ पंडित बताते हैं कि आरती पूजा का अंतिम लेकिन सबसे महत्वपूर्ण अंग है. यह केवल दीप जलाना नहीं, बल्कि आत्मा का भगवान के चरणों में पूर्ण समर्पण है. अग्नि की इस ज्योति के माध्यम से भक्त भाव प्रकट करता है कि जैसे एक दिन यह शरीर अग्नि में विलीन होगा, वैसे ही वह आज भगवान में अपने अस्तित्व का समर्पण कर रहा है.

कांवरिये जल अर्पण करने के बाद बाबा की स्तुति में लीन होकर दीप जलाते हैं और आरती गाते हैं— जय शिव ओंकारा… यह केवल पूजा नहीं, एक संवाद है श्रद्धा और ईश्वर के बीच का. यहीं, वे बाबा से अपने सुख-समृद्धि की कामना करते हैं और मन ही मन अगली सावन में फिर से हाजिरी लगाने का प्रण लेते हैं. मंदिर परिसर में बाबा के गर्भगृह से लेकर मां पार्वती मंदिर और अन्य देवस्थलों तक आरती की लौ दिख रही है. कांवरिये टोली बनाकर दीप लेकर आरती गाते हैं, कुछ मौन तो कुछ स्वर में गूंजते हैं.

2.19 लाख भक्तों ने चढ़ाया जल

इस बार सावन में श्रद्धालुओं की जो भीड़ उमड़ी है, वह बीते 10 वर्षों में अभूतपूर्व है. जहां पहले जलार्पण के बाद मंदिर परिसर खाली हो जाता था, वहीं अब कांवरियों की भीड़ से परिसर भरा रहता है. शुक्रवार को बाबा मंदिर का पट खुलने से पहले ही हजारों श्रद्धालु कतार में खड़े दिखे. वहीं बाह्य अरघा से जलार्पण के लिए कतार सब्जी मंडी के पार तक पहुंच गयी. शुक्रवार को बाबा मंदिर में कुल 2,19,671 कांवरियों ने जलार्पण किया. इसमें मुख्य अरघा से 1,35,974 व बाह्य अरघा से 70,853 कांवरिये शामिल हैं. वहीं शुक्रवार शाम छह बजे तक 12,844 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम कूपन का लाभ उठाया. कूपन से औसतन आधे घंटे में जलार्पण हो रहा है, जबकि आम कतार से दो से ढाई घंटे और बाह्य अरघा से 20-25 मिनट लग रहे थे. इससे पहले सुबह चार बजे से आम कांवरियों के लिए जलार्पण शुरू किया गया. पुजारी विनोद झा ने सरदारी पूजा की तथा पूजा संपन्न होने के बाद बाबा मंदिर का पट खोला गया.

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Published by: Sanjeev mishra

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