सारठ : सड़क हादसे में एक मासूम मुनियां की मौत हो गयी, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हैं. हादसे में स्कूल वैन के परखच्चे उड़ गये और उसका अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
पिकअप वाहन से हुई जोरदार टक्कर
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को एमडी एकेडमी विद्यालय से बच्चों को लेकर स्कूल वैन जा रही थी. इसी दौरान पिकअप वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गयी. हादसे में एक मासूम की मौत हो गयी, जबकि कई बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गये.
बताया गया कि गरीबों के एक मसीहा ने स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक से 50 हजार और 30 हजार रुपये दबाव डालकर इलाज के लिए जमा करवाये. सवाल उठ रहा है कि क्या इससे स्कूल प्रबंधन और वाहन मालिक की लापरवाही एवं नियम विरुद्ध अनफिट वाहन चलवाने के मामले को दबा दिया जायेगा.
बड़ा सवाल : अनफिट वैन को कौन चला रहा था
जेएच 15 इ-1466 नंबर की स्कूल वैन के कागजात सही नहीं होने की बात कही गयी है. आरोप है कि वैन का फिटनेस सर्टिफिकेट अपडेट नहीं था और परमिट व इंश्योरेंस भी नहीं था. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन द्वारा बच्चों की जान जोखिम में डालकर यह अनफिट वाहन रोज चलाया जा रहा था.
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार स्कूल वैन के लिए फिटनेस, परमिट, पीयूसी और इंश्योरेंस अनिवार्य है. 12 साल से पुरानी डीजल वैन स्कूली बच्चों के लिए नहीं चलायी जा सकती. स्कूल वैन में स्पीड गवर्नर, सीसीटीवी और महिला अटेंडेंट होना जरूरी है. आरोप है कि सिर्फ एमडी एकेडमी ही नहीं, बल्कि अन्य स्कूलों में भी नियमों का पालन नहीं हो रहा है.
स्कूल प्रबंधन की लापरवाही पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी क्यों
सारठ में घटना के बाद कई जनप्रतिनिधि और अन्य लोग घटनास्थल व निजी क्लिनिक पहुंचकर घायलों का हाल लिया. विधायक चुन्ना सिंह, पूर्व स्पीकर शशांक शेखर भोक्ता, पूर्व कृषि मंत्री रंधीर सिंह, झामुमो नेता परिमल सिंह, समाजसेवी अशोक राय और विधायक प्रतिनिधि राहुल सिंह ने घटना पर दुख जताया.
हालांकि, खबर के अनुसार किसी भी जनप्रतिनिधि ने स्कूल प्रबंधन पर कोई टिप्पणी नहीं की. जबकि 28 अगस्त को प्रभात खबर में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था.
