देवघर : मेरा विद्यालय निपुण एवं मैं भी निपुण 2.0 कार्यक्रम के तहत विद्यालयों के मूल्यांकन और विद्यार्थियों के आकलन को लेकर शुक्रवार को प्रखंड संसाधन केंद्र, देवघर में मूल्यांकनकर्ताओं की बैठक हुई. जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी रौशन कुमार सिंह के निर्देश पर आयोजित बैठक में देवघर प्रखंड के 16 सक्रिय शिक्षकों ने भाग लिया.
निष्पक्ष एवं प्रभावी तरीके से होगा मूल्यांकन
बैठक में बीपीओ ने मूल्यांकनकर्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप निष्पक्ष एवं प्रभावी तरीके से विद्यालयों का आकलन करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मूल्यांकन का उद्देश्य केवल विद्यालयों की स्थिति जानना नहीं, बल्कि बच्चों में समझ के साथ पढ़ने और बुनियादी गणितीय दक्षता विकसित करने की दिशा में विद्यालयों की प्रगति को मजबूत करना है.
बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान की होगी जांच
बैठक में निपुण भारत मिशन के तहत बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के विकास की स्थिति के आकलन की जानकारी दी गयी. साथ ही बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों की पहचान, उन्हें प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत करने तथा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर आगामी शैक्षणिक योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया समझायी गयी.
13 संकेतकों के आधार पर होगा आकलन
मास्टर ट्रेनर प्रशांत कुमार, अमरेश कुमार और बंशीधर दुबे ने बताया कि प्रत्येक विद्यालय का 13 संकेतकों के आधार पर मूल्यांकन होगा. इनमें प्रिंट-समृद्ध वातावरण, शिक्षण-अधिगम सामग्री, शिक्षण क्षमता, निपुण लक्ष्य निर्धारण, समय निर्धारण, बाल साहित्य का उपयोग, कक्षा संचालन, विद्यार्थियों का आकलन, प्रधानाध्यापक की भागीदारी, सामुदायिक सहभागिता तथा हिंदी, गणित और अंग्रेजी के अधिगम परिणाम शामिल हैं.
75 प्रतिशत अंक पाने वाले स्कूल होंगे निपुण श्रेणी में शामिल
75 प्रतिशत या अधिक अंक पाने वाले विद्यालय मेरा विद्यालय निपुण एवं मैं भी निपुण 2.0 की श्रेणी में शामिल किये जायेंगे. बैठक के अंत में सभी 16 मूल्यांकनकर्ताओं से जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए देवघर प्रखंड में निपुण भारत मिशन को सफल बनाने का आह्वान किया गया.
