देवीपुर. प्रखंड क्षेत्र में फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम चलाया जा रहा है. लोगों को घर-घर जाकर दवा खिलाई जा रही है. इसके तहत शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम कस्तूरबा विद्यालय पहुंची और छात्राओं को दवा खिलाया. फाइलेरिया की दवा खाने के कुछ मिनट बाद ही छात्राओं में पेट दर्द, सांस फूलने. बदन दर्द एवं उल्टी जैसी समस्याएं होने लगी. छात्राओं की तबीयत खराब होने से पूरे विद्यालय में हड़कंप मच गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए कस्तूरबा विद्यालय की वार्डन पिंकी मंडल ने तबीयत खराब हुए 13 छात्राओं को तत्काल एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, देवीपुर इलाज के लिए भेजा, जहां ऑन ड्यूटी चिकित्सकों ने उचित इलाज किया. चिकित्सकों द्वारा बच्चियों को इलाज के लिए दवा दी गयी. कुछ देर बाद बच्चियों के स्वास्थ्य में राहत मिलते ही चिकित्सकों की टीम ने राहत की सांस ली. घटना की सूचना मिलते ही कुछ बच्चियों के परिजन भी देवीपुर स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे. हालांकि बच्चियों के स्वास्थ्य में सुधार होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली. इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी कुमार अभय प्रसाद ने बताया कि सभी बच्ची खतरे से बाहर है और सुरक्षित है. बताया कि गैस होने के कारण कभी कभी यह समस्या हो सकती है. फाइलेरिया की दवा खाने से उल्टी, बुखार, सिर दर्द जैसे रीऐक्शन देखने को मिल सकता है, लेकिन इससे खबराने की जरूरत नहीं है. विदित हो की स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद सभी छात्राओं को छोड़ दिया गया है.
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