करौं. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत बाजार स्थित कर्णेश्वर मंदिर प्रांगण में चल रहे तीन दिवसीय बांग्ला संकीर्तन मंगलवार को भक्तिमय माहौल में पूर्णाहुति के साथ संपन्न हो गया. इस दौरान प्रभाष यज्ञ, साधार मान, कृष्ण रास लीला व कुंजभंग के महत्वपूर्ण विषयों को संकीर्तन पाठ किया गया. पश्चिम बंगाल से आये प्रसिद्ध कीर्तनीयां टीम लक्खी दास व अर्पिता मुखर्जी ने सरल सहज बंगला भाषा में कहा कि जाप-तप व ध्यान से लोगों में संचेतना का संचार होता है. कृष्ण – राम नाम लेने भर से दुख दूर होता है. वहीं, आपसी प्रेम का आलोक दिखाई पड़ता है. संकीर्तन करना और सुनना तो एक कला है. इस दौरान बहती भक्ति की बयार के साथ कृष्ण नाम के जयकारे से इलाका गुंजायमान हो उठा. संकीर्तन के दौरान रास लीला, मान-भंजन व प्रभाष यज्ञ पाला के विभिन्न लौकिक और आध्यात्मिक के साथ लोक जीवन में इसकी उपयोगिता पर सारगर्भित गीत-संगीत-नृत्य से लोगों को समझाया. कृष्णा का गोपियों के साथ प्रेम प्रसंग सुन मुग्ध हो उठे. मौके पर सार्वजनिक संकीर्तन समिति के पदाधिकारी समेत सैकड़ों श्रोता मौजूद थे. हाइलार्ट्स : तीन दिवसीय बंगला संकीर्तन भक्तिपूर्ण माहौल में पूर्णाहुति के साथ संपन्न
कर्णोश्वर मंदिर में बही भक्ति की बयार
करौं : कृष्ण रास लीला व कुंजभंग के महत्वपूर्ण विषयों पर संकीर्तन आयोजित
