सारठ : पीएम श्री केजीएबी सारठ में बुधवार को नेशनल मिशन ऑन सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना अंतर्गत स्कूल सॉइल्स हेल्थ मिशन के तहत मृदा नमूना संग्रहण, मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व के बारे में एकदिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
प्रशिक्षक ने समझाया मृदा परीक्षण
आयोजित एक दिवसीय प्रशिक्षण में बतौर प्रशिक्षक बीटीएम सह बीएओ शशांक शेखर ने छात्राओं को जानकारी देते हुए कहा कि जिस प्रकार हम बीमार पड़ते हैं तो हमारा ब्लड सैंपल लेकर जांच किया जाता है, उसी तरह हमारी धरती माता बीमार हो चुकी है, जो सॉइल टेस्ट कराने से पता चलता है, ताकि हम अच्छे स्वस्थ फसल का उत्पादन कर सकें और हम निरोग रह सकें.
उन्होंने कहा कि आज प्रायः घरों में देखा जाता है कि जितने लोग हैं उससे कहीं ज्यादा बीमारी फैल रही है. इससे बचने के लिए किसानों को रासायनिक उर्वरक छोड़कर ऑर्गेनिक खाद का उपयोग करना पड़ेगा तथा ऑर्गेनिक दवाई का फसल पर छिड़काव करने से हम स्वस्थ फसल का उत्पादन ले सकते हैं.
छात्राओं ने दिखाया उत्साह
बालिकाओं ने मृदा जांच के बारे में जानकारी लेने में काफी उत्साह से हिस्सा लिया. छात्राओं ने कहा कि मृदा जांच की जानकारी हम लोगों के लिए लाभकारी है, क्योंकि हम सभी किसान परिवार से आते हैं.
ये रहे मौजूद
मौके पर वार्डन करुणा राय, शिक्षिका बबीता कुमारी मंडल, खुशबू कुमारी, शेल झा, सहायक तकनीकी प्रबंधक गौतम कुमार के साथ-साथ सैकड़ों की संख्या में कस्तूरबा विद्यालय की 10वीं, 11वीं एवं 12वीं कक्षा की छात्राएं मौजूद थीं.
