संवाददाता, देवघर . देवघर के 1.10 लाख मनरेगा के मजदूरों को पिछले ढाई महीने मजदूरी नहीं मिल पायी है. पूरे जिले के 1.10 लाख मजदूरों का पांच करोड़ रुपये बकाया है. अब होली के पहले मजदूरी की राशि नहीं मिलने पर मनरेगा मजदूरों को त्योहार मनाने की चिंता होने लगी है. बाजार में होली की खरीदारी शुरू हो गयी है, लेकिन मनरेगा मजदूरों के हाथ में अब तक उनकी कमाई के पैसे नहीं आये हैं.
मजदूर अपने भुगतान को लेकर पंचायत कार्यालय व बैंकों का चक्कर लगा रहे हैं. देवघर से मनरेगा कोषांग ने मनरेगा आयुक्त के जरिये ढाई महीने से इन मजदूरों को मजदूरी नहीं मिलने से मनरेगा का काम भी देवघर में प्रभावित हो गया है. इसमें सिंचाई कूप निर्माण, डोभा, नाला, ट्रेंच कटिंग, भूमि समतलीकरण जैसे ही योजनाएं प्रभावित है. कई पंचायतों में मनरेगा के कुआं का काम बंद हो गया है. कई अधूरी योजनाएं भी मजदूरी नहीं मिलने से पूरी नहीं हो पा रही है. मनरेगा में 272 रुपये मजदूरी दर है, इसमें 27 रुपये राज्य सरकार दे रही है व शेष राशि भारत सरकार को देने का प्रावधान है. ग्रामीण विकास विभाग के अनुसार राज्य सरकार अंशदान प्राप्त हो रहा है, लेकिन भारत सरकार का अंश पिछले ढाई से मजदूरों को नहीं मिली है. राज्य के मनरेगा आयुक्त के स्तर से ग्रामीण विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर जल्द बकाया मजदूरी के भुगतान करने का अनुरोध किया गया है.किस प्रखंड के कितना बकाया
पालोजोरी- 80 लाखमोहनपुर- 70 लाखसारठ- 75 लाखमधुपुर- 50 लाखदेवीपुर- 40 लाखकरौं- 50 लाखसारवां- 40सोनारायठाढ़ी- 30 लाखमारगोमुंडा- 40देवघर- 25 लाखडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
