देवघर : 26 सितंबर को पूर्णिमा तिथि के साथ भादो मेले का समापन हो जाएगा. इसके बाद परंपरा के अनुसार 27 से 29 सितंबर तक अढ़इया मेला चलेगा. अढ़इया मेले को लेकर बाबा नगरी में कांवरियों की भीड़ बढ़ने लगी है. कांवरिया पथ से लेकर बाबा मंदिर तक इसका असर साफ दिख रहा है.
रविवार को कांवरिया पथ पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ बांस से बने आकर्षक कांवर लेकर दर्जनों कांवरिया टोलियां बाबा नगरी की ओर बढ़ती दिखीं. ढोल-नगाड़े और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर कांवरिये नाचते-गाते बाबा बैद्यनाथ का जयकारा लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे.
सवा लाख कांवरियों ने किया जलार्पण
रविवार को बाबा मंदिर में कांवरियों की भारी भीड़ रही. आम कतार क्यू कॉम्प्लेक्स से बाहर निकलकर नेहरू पार्क की ओर बढ़ गयी, जबकि कूपन की कतार बड़ा बाजार की ओर मुड़ गयी. भीड़ के कारण आम कतार से जलार्पण करने में कांवरियों को करीब पांच से छह घंटे लगे, जबकि कूपन सुविधा लेने वाले कांवरिये करीब दो घंटे में जलार्पण कर पा रहे थे.
नये ओवरब्रिज से तेज हुई कूपन कतार
कूपन कतार के लिए बनाये गये नये ओवरब्रिज से मंदिर प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में राहत मिल रही है. पहले ऐसी भीड़ में कूपन कतार आजाद चौक तक पहुंच जाती थी. अब ओवरब्रिज के कारण कतार की गति तेज रहने से भीड़ के दौरान भी करीब दो घंटे में कांवरियों को गर्भगृह तक पहुंचाया जा रहा है.
शाम छह बजे कूपन सुविधा बंद होने के बाद इसी ब्रिज से आम कतार के भक्तों को गर्भगृह तक भेजने की व्यवस्था की जा रही है. रविवार को पट बंद होने तक करीब सवा लाख कांवरियों ने जलार्पण किया. इनमें 6697 कांवरियों ने कूपन सुविधा का लाभ लिया.
