मोर मुकुट-बांसुरी से सजे कान्हा, सारठ में राधा-कृष्ण की झांकी ने मोहा मन

जन्माष्टमी पर सारठ में राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियाँ सजीं, 2002 से मध्य रात्रि में 56 भोग अर्पित करने की परंपरा जारी. जानें विस्तृत.

सारठ. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सारठ क्षेत्र के मंदिरों और पूजा स्थलों में भक्तिमय माहौल बना हुआ है. जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न मंदिरों और पूजा स्थलों में भगवान श्रीकृष्ण और राधा की आकर्षक झांकी सजायी गयी. रंग-बिरंगे फूलों, मोरपंख और आकर्षक सजावट से सुसज्जित झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही.

राधा-कृष्ण की प्रतिमा को आकर्षक वस्त्रों और आभूषणों से सजाया गया. भगवान श्रीकृष्ण के हाथों में बांसुरी और सिर पर सजा मोर मुकुट उनकी मनमोहक छवि को और आकर्षक बना रहा था. झांकी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही.

पंचामृत से स्नान के बाद किया गया विशेष श्रृंगार

जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण का पंचामृत से स्नान कराया गया. इसके बाद नए परिधान, आभूषण और फूलों से उनका विशेष श्रृंगार किया गया. मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.

चितरा, बामनगमा समेत क्षेत्र के कई मंदिर परिसरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा. भक्तों ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.

2002 से अन्नपूर्णा निवास में चढ़ाया जा रहा 56 भोग

अन्नपूर्णा निवास में वर्ष 2002 से जन्माष्टमी के अवसर पर मध्य रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है. इस वर्ष भी विशेष आयोजन किया गया है. देर शाम से भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

भक्त शिखा सिन्हा समेत अन्य श्रद्धालुओं ने राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी के दर्शन कर भगवान का आशीर्वाद लिया. श्रद्धालुओं ने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया है.

मध्य रात्रि में होगी भव्य आरती, अर्पित किया जाएगा 56 भोग

जन्माष्टमी के मुख्य अवसर पर मध्य रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय भव्य आरती की जाएगी और उन्हें 56 भोग अर्पित किया जाएगा. इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया जाएगा.

जन्माष्टमी को लेकर मंदिर परिसरों में आकर्षक विद्युत सजावट भी की गयी है. रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर और पूजा स्थल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश सिन्हा

2001 से प्रभात खबर से जुड़ कर जनहित से जुड़ी पत्रकारिता कर रहे हैं. विकास, लोगों की समस्या, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्राइम से जुड़ी खबरों पर बेहतर कवरेज करते रहे हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >