हेल्थ काउंसलिंग : दम्मा मरीजों के लिए दवा से बेहतर इनहेलर : डॉ प्रत्यक्षा

प्रभात खबर की ओर से आयोजित हेल्थ काउंसिलिंग : टॉक-टू डॉक्टर कार्यक्रम में गुरुवार को जानी-मानी पल्मोनोलॉजिस्ट (सांस रोग विशेषज्ञ) डॉ प्रत्यक्षा ने दम्मा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी.

संवाददाता, देवघर : शहरों में बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सांस संबंधी बीमारियों पर दिख रहा है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार खराब होती हवा के कारण करीब 50 प्रतिशत लोगों में दम्मा होने का खतरा बढ़ गया है. प्रभात खबर की ओर से आयोजित हेल्थ काउंसिलिंग : टॉक-टू डॉक्टर कार्यक्रम में गुरुवार को जानी-मानी पल्मोनोलॉजिस्ट (सांस रोग विशेषज्ञ) डॉ प्रत्यक्षा ने दम्मा, एलर्जी और सांस संबंधी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी. इस दौरान दर्जनों लोगों ने फोन चिकित्सक से अपनी समस्या बताते हुए परामर्श लिये. डॉ प्रत्यक्षा ने कहा कि दम्मा के मरीजों के लिए दवा से बेहतर इनहेलर है, क्योंकि यह सीधे फेफड़ों में जाकर तेजी से असर करता है और शरीर पर किसी तरह का अनावश्यक दुष्प्रभाव नहीं डालता. उन्होंने कहा कि कई लोग इसे आदत बन जाने या किसी नुकसान का डर मानकर इस्तेमाल नहीं करते, जबकि इनहेलर बिल्कुल सुरक्षित हैं और विश्वभर में स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट के रूप में उपयोग किये जाते हैं. उन्होंने लोगों को समय पर जांच कराने, धूल-मिट्टी से बचने, घरों में साफ-सफाई रखने और ठंड के मौसम में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और प्रदूषण तथा खादान और क्रेसर में काम करने वाले लोगों को मास्क का उपयोग करना चाहिए. साथ ही कहा कि सांस व दम्मा के मरीजों बिना विशेषज्ञों की सलाह के कोई दवा नहीं लें. इसके अलावा भी डॉ प्रत्यक्षा ने लोगों की समस्याओं को सुनकर उनके सवालों पर परामर्श दिये. — लोगों के सवाल व डॉक्टर के परामर्श सवाल : तेजी से चलने के बाद सांस फूलता है और सीने में दर्द होता है. मनोज कुमार राजहंस, देवघर सलाह : आपको हार्ट की बीमारी लग रही है या आपका वजन अधिक है. चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें. सवाल : मुझे दो माह से सर्दी- खांसी है और कफ भी आ रहा है. बीते कुछ दिनों से कफ के साथ खून भी आ रहा था. सभी प्रकार की जांच कराने के बाद चिकित्सक ने सिर्फ एलर्जी ही बताया. दवा खाने के बाद खून तो नहीं आ रहा है, लेकिन कफ अभी भी आ रहा है. रितू, महगामा सलाह : कभी- कभी एलर्जी अनकंट्रोल हो जाता है, तो फेफडे में संक्रमण से घाव हो जाता है, जिससे खून आने लगता है. इसलिए चिकित्सक से एक बार और संपर्क कर बेहतर इलाज करायें. सवालः मेरी पत्नी को नहाने के बाद ठंड लगने लगता है और शाम को सर्दी हो जाती है. वहीं रात में गले में घरघराहट होने लगती है. सुबोध कुमार, मोहनपुर सलाह : दम्मा की परेशानी है. इलाज करायें. खट्टा व ठंडा चीज नहीं खायें. बाहर जाने पर मास्क का उपयोग करें. सवाल :मेरी पत्नी को करीब सात साल से सांस की परेशानी रहती है. चलने-फिरने में दम भी फुलता है. राजीव रंजन, रांची सलाह : दम्मा की बीमारी है. ठंड के दिनों से परेशानी हाेती है. इसके लिए वैक्सीन भी आ गयी है. वैक्सीन ले सकती हैं. ठंड से बचाव करें, चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें. सवालः मेरा 10 साल का बेटा है, उसे सांस की परेशानी है, रात में सोते समय घरघराहट की आवाज आती है. अनिल कुमार, दुमका सलाह: दम्मा की बीमारी जेनेटिक होती है. ऐसे लोगों को मार्च- अप्रैल, जुलाई- अगस्त और अक्तूबर- नवंबर के दिनों में परेशानी होती है. चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें और इनहेलर लें. सवाल : मेरा बायां नाक बंद रहता है. सर्दी हमेशा रहती है और सांस भी फूलती है. सीताराम सिंह, महगामा सलाह: दम्मा और हफनी की बीमारी हो, तो इनहेलर रोज लें. साथ ही चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें. ठंडा, खट्टा व धुल-धुआं से बचें. सवाल: मेरा पांच साल का बेटा है. गिल्टी बढ़ गया है. दो माह से दर्द भी रहता है. चंदन यादव, चांदन, बिहार सलाह: ऐसा संक्रमण के कारण होता है. जांच कराना होगा क्या कारण है. गिल्टी बढ़ा हुआ है. चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें. सवाल: खांसी, सर्दी और गले में दर्द रहता है. अनीता कुमारी, देवघर सलाह : गर्म पानी में नमक डाल कर गार्गल करें. गर्म पानी पीयें. दो दिन बाद यदि ठीक नहीं हो तो इलाज करायें. सवाल: सीढ़ी चढ़ते समय सांस फुलती है. खांसी भी हमेशा रहती है. रूबी कुमारी, मधुपुर सलाह: हाे सकता है दम्मा की शिकायत हो, लेकिन जांच कराने के बाद ही कहा जा सकता है. चिकित्सक से मिलकर इलाज करायें. सवाल: सांस की परेशानी है. इलाज और इनहेलर चल रहा है. क्या इनहेलर लेना जरूरी है. दवा से ठीक लगता है. पंचानंद दत्ता, बरहरवा सलाह: दवा से अच्छा है इनहेलर ही लें. इनहेलर सीधे सांस में जाता है. हाइलाइट्स हेल्थ काउंसलिंग : टॉक टू डॉक्टर में पल्मोनोलॉजिस्ट (सांस रोग विशेषज्ञ) डॉ प्रत्यक्षा ने लोगों को दिये परामर्श

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By RAJIV RANJAN

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