वरीय संवाददाता, देवघर : कुंडा थाना क्षेत्र के कटिया गांव निवासी किराना दुकानदार 54 वर्षीय गुरुगोविंद पांडेय की जमीन विवाद में साजिश के तहत हत्या करने के मामले में घटना के एक महीने बीत गये, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं खोज सकी है. इससे गुरुगोविंद के परिजनों सहित ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति अविश्वास जताया है. गुरुगोविंद के पुत्र दीपक का कहना है कि उसे व कांड के गवाहों को धमकाया जा रहा है. उसे कुछ दिन पूर्व करनीबाग के दो लोगों ने धमकी दी. इससे संबंधित लिखित सूचना उसने कुंडा थाने में दे दी है, बावजूद अब तक पुलिस उक्त कांड के आरोपितों को नहीं पकड़ सकी है. उनलोगों ने आरोपितों का मोबाइल नंबर तक पुलिस को उपलब्ध कराया, फिर भी इस मामले में आज तक कुछ नहीं खोज सकी. पुत्र दीपक के मुताबिक, गुरुगोविंद हत्याकांड में शामिल लोग दबंग हैं, जिन्हें पुलिस का कोई भय नहीं है. आरोपितों के खिलाफ कुंडा थाने में मामले पहुंचते रहे हैं, लेकिन पुलिस उनलोगों पर कार्रवाई कभी नहीं की. दीपक का कहना है कि पिता के हत्याकांड की जांच में कोई अवरोध नहीं हो, साथ ही परिजन सहित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये. मृतक के पुत्र दीपक पांडेय ने मामले में नगर थाना क्षेत्र के जलसार रोड महावीर अखाड़ा के समीप निवासी पिता-पुत्र अक्षय झा व आकाश झा को घटना का साजिशकर्ता बताते हुए उनकेअलावा कटिया निवासी राजेंद्र पांडेय सहित उसके पुत्रों निरंजन पांडेय, रंधीर पांडेय, बबलू पांडेय, डब्लू पांडेय व राजेंद्र की पत्नी तासार देवी को आरोपित बनाया है. दीपक द्वारा दर्ज कराये गये मामले में जिक्र है कि 10 फरवरी को सभी आरोपित एकमत होकर हरवे-हथियार से लैस होकर गुरुगोविंद की दुकान के पास आये. हत्याकांड को अंजाम देकर अक्षय की टीयूवी गाड़ी व अन्य गाड़ी से सभी भाग गये. पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपितों ने पूरे परिवार को बहुत जल्द खत्म कर देने और जमीन से मिलने वाला पैसा आपस में सभी ने बांट लेने की धमकी भी दी.
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