मधुपुर. शहर के बावन बीघा स्थित रेलवे के राज्य प्रशिक्षण पार्क में राष्ट्रीय स्तरीय लिंग संवेदीकरण कार्यशाला में गुरुवार को ब्रेकिंग जेंडर स्टीरियोटाइप्स के बारे में जानकारी दी गयी. प्रतिभागियों ने टीम वर्क और आलोचनात्मक सोच के माध्यम से पूर्वाग्रहों को चुनौती देने के तरीकों पर चर्चा की गयी. इसके बाद भाग्यश्री प्रभाले ने लिंग भूमिकाओं और अपेक्षाओं की खोज पर एक सत्र आयोजित किया गया. जिसमें अवसरों और जिम्मेदारियों को आकार देने वाले सामाजिक मानदंडों पर प्रकाश डाला गया. दक्षिण पूर्व रेलवे के गाइड कैप्टन संतोषी सिंह ने लैंगिक हिंसा व उत्पीड़न पर एक ऑनलाइन सत्र का नेतृत्व किया, जिसमें निवारक उपायों और कानूनी ढांचे को शामिल किया गया. साथ ही एक इंटरैक्टिव क्विज आयोजित किया गया. वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित किया गया, जहां प्रतिभागियों ने लिंग-संबंधी मुद्दों के पक्ष और विपक्ष में तर्क प्रस्तुत किया. रेलवे अस्पताल के मुख्य चिकित्सा व्यवसायी दुर्गा ने संसाधन व्यक्ति के रूप में पेशेवर स्थानों में लैंगिक चुनौतियों पर अंतर्दृष्टि साझा करने पर एक सत्र का नेतृत्व किया. कार्यक्रम के अंतिम सत्र में लैंगिक भूमिकाओं और लैंगिक समानता की वकालत के ऐतिहासिक संदर्भ, सामाजिक परिवर्तनों और समावेशन के लिए चल रहे प्रयासों की जांच किया गया. मौके पर आरडीएएसए के सहायक निदेशक महिंदर शर्मा ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य लैंगिक समानता के बारे में जागरूकता के साथ रुढ़ियों को चुनौती देना और कार्यस्थलों और समाज में समावेशिता को बढ़ावा देना है. प्रतिभागी लिंग की गतिशीलता में मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्राप्त कर रहे है. साथ ही एक समावेशी और न्यायसंगत वातावरण को बढ़ावा देने के महत्व को प्राप्त कर रहे है. बताते चले कि पांच दिवसीय कार्यशाला में छह स्टेट्स एसोसिएशन जिसमें पूर्वी रेलवे से 91, पूर्वी मध्य रेलवे 33, दक्षिण पूर्वी रेलवे 21, मध्य प्रदेश से 3, ओडिशा से 9, पश्चिम बंगाल से 2 व 8 स्टाफ सदस्य प्रतिभागी भाग ले रहे है. कार्यशाला का समापन 8 मार्च को होगा.
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