योग्य दंपतियों को दिये गये उपहार, परिवार नियोजन संबंधी जानकारी देकर किया जागरूक

अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में परिवार कल्याण दिवस मनाया गया, जिसमें महिलाओं व पुरूषों को बंध्याकरण और नसबंदी संबंधी जानकारी दी. इस दौरान परिवार कल्याण से जुड़ी अन्य सूचनाएं दी गयी.

मधुपुर अनुमंडलीय अस्पताल सभागार में मंगलवार को आयुष्मान आरोग्य मंदिर केंद्र में परिवार कल्याण दिवस मनाया गया. इस अवसर पर योग्य दंपतियों को उपहार प्रदान किये गये, साथ ही परिवार नियोजन संबंधी विस्तार पूर्वक जानकारी सभी को दी गयी. मौके पर डा. मयूर मयंक ने कहा कि परिवार नियोजन विधि के तहत 21 वर्ष के बाद ही शादी करनी चाहिए. शादी के दो वर्ष के बाद ही पहला बच्चा पैदा करना चाहिए, ताकि जच्चा व बच्चा दोनों तंदुरुस्त रहे. उन्होंने पहला बच्चा व दो दूसरे बच्चे के बीच कम से कम तीन साल का अंतराल रखने की सलाह दी. इस दौरान अस्थायी विधि के तहत कंडोम, माला एन, मला ड़ी, अंतरा, छाया आदि को अपनाने को कहा. दो बच्चे के बाद स्थायी विधि अर्थात पुरुष नसबंदी या महिला बंध्याकरण करायें. ताकि हम दो हमारे दो थीम के तहत परिवार को खुशहाल बनाया जा सके. उन्होंने कहा कि महिला बंध्याकरण के बाद लाभार्थी को दो हजार रुपये व नसबंदी के बाद लाभार्थी को तीन हजार रुपये प्रदान किये जाते है. पुरुष नसबंदी काफी आसान तथा सरल है. इसमें चीर फाड़ की जरूरत नहीं होती है. सिर्फ एक टांका लगाया जाता है लाभार्थी आधे घंटा के ऑपरेशन के बाद ही व्यक्ति चल फिर सकता है. मौके पर प्रशांत सौरव, दामोदर वर्मा, डिंपल कुमारी, अजय कुमार दास, मुन्नी देवी, अमीना खातून आदि उपस्थित थे.

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