एम्स देवघर में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, मेडिकल शिक्षा और रिसर्च को मिलेगी नई धार
देवघर : झारखंड सरकार की सीएम मेंटरिंग स्कीम के तहत देवघर एम्स में फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू किया गया है. देवघर एम्स के मेडिकल एजुकेशन यूनिट की ओर से सीएम मेंटरिंग स्कीम के तहत आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में देवघर एम्स, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, दुमका व शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल धनबाद के फैकल्टी सदस्यों ने हिस्सा लिया.
टीचिंग स्किल और रिसर्च क्षमता बढ़ाने पर जोर
फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम में मेडिकल फैकल्टी की क्षमता बढ़ाने के साथ अलग-अलग मेडिकल इंस्टीट्यूट्स के बीच अनुभव और बेस्ट प्रैक्टिस शेयर करना है. इस कार्यक्रम के जरिये मेडिकल कॉलेजों के फैकल्टी की टीचिंग स्किल, रिसर्च क्षमता व नयी मेडिकल टेक्नोलॉजी की समझ मजबूत होगी, जिसका लाभ भविष्य में मरीजों की जांच, बीमारी की पहचान, ट्रीटमेंट व मरीज के केयर करने पर होगा.
बेहतर फैकल्टी से मरीजों को मिलेगा लाभ
बेहतर ट्रेनिंग प्राप्त फैकल्टी से तैयार होने वाले डॉक्टर राज्य के अस्पतालों में मरीजों को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं दे सकेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा राज्य के मरीजों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण इलाज के रूप में मिलेगी.
एआई और डिजिटल रिसोर्स की भी मिलेगी जानकारी
देवघर एम्स के निदेशक डॉ नितिन गंगने ने बताया कि प्रोग्राम से फैकल्टी को नयी टीचिंग टेक्निक्स, रिसर्च मेथड, डिजिटल रिसोर्स व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की जानकारी मिलेगी. इससे मेडिकल स्टूडेंट्स को बेहतर ट्रेनिंग देने में मदद होगी.
मेडिकल रिसर्च को भी मिलेगी गति
अलग-अलग संस्थानों के फैकल्टी के बीच सहयोग बढ़ने से मेडिकल रिसर्च को भी गति मिलेगी. झारखंड की स्थानीय स्वास्थ्य समस्याओं पर रिसर्च होने से भविष्य में उनके बेहतर समाधान व मरीजों के इलाज की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएं बढ़ेंगी. इस मौके पर एकेडमिक डीन प्रो हरमिंदर सिंह सहित अन्य डॉक्टर थे.
