deoghar news : एक डिजिट की चूक से सिकंदर की बाइक बन गयी चोरी की, अब लगा रहा चक्कर

रिखिया थाना क्षेत्र के सरासनी गांव निवासी सिकंदर कुमार की बाइक एक अजीबोगरीब मामले में फंसी हुई है, जब एक डिजिट की गलती के कारण उसकी बाइक को चोरी की सूची में डाल दिया गया. अपनी बाइक को ब्लैक लिस्ट से हटवाने के लिए नगर थाना और परिवहन कार्यालय का चक्कर लगा रहा है,

वरीय संवाददाता, देवघर : रिखिया थाना क्षेत्र के सरासनी गांव निवासी सिकंदर कुमार की बाइक एक अजीबोगरीब मामले में फंसी हुई है, जब एक डिजिट की गलती के कारण उसकी बाइक को चोरी की सूची में डाल दिया गया. यह घटना तब सामने आयी जब सिकंदर, जो बैंगलुरु में सेल्स का काम करता है, को रांगा मोड़ पर पुलिस चेकिंग में पकड़ लिया गया. उसकी बाइक का नंबर वही था, जो आठ साल पहले कुंडा थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी. इस गलती के कारण सिकंदर को न केवल चोर के रूप में संज्ञान लिया गया, बल्कि उसे यातायात पुलिस द्वारा बेइज्जत भी होना पड़ा. एक साल से वह अपनी बाइक को ब्लैक लिस्ट से हटवाने के लिए नगर थाना और परिवहन कार्यालय का चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला. यह मामला पुलिस विभाग की चूक और प्रणाली में सुधार की आवश्यकता को उजागर करता है.

क्लब ग्राउंड के पास से चोरी हुई थी योगेंद्र की बाइक

जानकारी के अनुसार, 14 अक्तूबर 2017 की शाम करीब 8:15 बजे क्लब ग्राउंड के समीप से कुंडा थाना क्षेत्र के छिट कुंडा निवासी योगेंद्र रवानी की बाइक (जेएच 15 एन 9560) चोरी हुई थी. घटना को लेकर उसने अज्ञात चोर के खिलाफ नगर थाना कांड संख्या 642/17 दर्ज कराया था. इसके बाद ही नगर थाने के पुलिस पदाधिकारी ने बाइक ब्लैक लिस्ट करने के लिए परिवहन कार्यालय में प्रतिवेदन दिया और इस केस के आलोक में रिखिया थाना क्षेत्र के सरासनी गांव निवासी सिकंदर की बाइक (जेएच 15 एन 9550) मब्लैक लिस्ट हो गया. दोनों बाइक में एन सीरीज का ही नंबर है. मात्र एक डिजिट का हेरफेर है. ऐसे में यह गलती नगर थाने से हुई या परिवहन विभाग से, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.

पिछले वर्ष चेकिंग में पकड़ाया, तो हुई मामले की जानकारी

जानकारी के मुताबिक, रिखिया के सरासनी गांव निवासी सिकंदर बेंगलुरु में सेल्स का काम करता है. यहां आने पर वह कभी-कभी बाइक चलाता है. पिछले साल 15 जून 2024 को वह पत्नी के साथ बाइक से जा रहा था, तभी रांगा मोड़ पर चल रहे चेकिंग अभियान में यातायात पुलिस ने उसे पकड़ लिया. ई-पॉश मशीन में बाइक का नंबर डाला, तो पता चला कि उक्त बाइक चोरी की है, जो नगर थाने के केस में परिवहन कार्यालय से ब्लैक लिस्ट है. यह सुनते ही सिकंदर के होश उड़ गये. अपना पक्ष रखने में उसे यातायात पुलिस के पदाधिकारी का कोपभाजन भी बनना पड़ा. बाद में उसका ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर 194डी एमवी एक्ट का फाइन काटकर यातायात पुलिस के पदाधिकारी ने बाइक जिम्मेनामा पर छोड़ दिया. सिकंदर ने बताया कि पत्नी के सामने उसे बेइज्जत भी होना पड़ा. जो बाइक उसे ससुराल से मिली, उसे यातायात पुलिस के पदाधिकारी ने चोरी का बता दिया. दूसरी बार वह हाल के दिनों में चेकिंग स्थल से गुजरा, तो फिर पुलिस ने चोरी की बाइक बताकर उसे टोक दिया. इसके बाद उसने नगर थाने की प्राथमिकी कोर्ट से निकलवाया तो पता चला कि कुंडा के छिट कुंडा निवासी योगेंद्र की बाइक 2017 में चोरी हुई और उसी केस में उसकी बाइक नगर पुलिस के प्रतिवेदन पर ब्लैक लिस्ट किया गया है. यह जानकारी होते ही सिकंदर ने परिवहन कार्यालय में सभी कागजातों के साथ आवेदन देकर अपनी बाइक ब्लैक लिस्ट से हटाने का आग्रह किया है. इसके लिए वह कई बार नगर थाने भी जा चुका है, बावजूद एक साल से परेशान रहने के बाद भी उसका बाइक ब्लैक लिस्ट से नहीं हटा है.

हाइलाइट्स

– कुंडा इलाके के व्यक्ति की चोरी हुई थी बाइक, ब्लैक लिस्टेड करा दिया रिखिया थाना क्षेत्र की बाइक को

-साल भर से थाने व परिवहन विभाग का चक्कर लगाते परेशान हो गया है पीड़ित बाइक मालिक

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Author: ASHISH KUNDAN

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