सारठ/देवघर: देवघर जिले की 51 ग्राम पंचायतों में पंचायत ज्ञान केंद्र खोलने की तैयारी तेज हो गई है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चयनित पंचायतों में केंद्रों के अधिष्ठापन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके लिए डीपीआरओ, देवघर ने संबंधित पंचायतों को ‘पंचायत ज्ञान केंद्र’ के नाम से बैंक खाता खोलने का निर्देश दिया है.
योजना की राशि समय पर पंचायतों तक पहुंच सके, इसके लिए बैंक खाते से जुड़ी प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा गया है. खाते का संचालन पंचायत सचिव और मुखिया संयुक्त रूप से करेंगे.
पहले खाता खुलेगा, फिर पहुंचेगी योजना की राशि
डीपीआरओ की ओर से जारी पत्र में सभी संबंधित बीडीओ को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. चयनित पंचायतों में पंचायत ज्ञान केंद्र के नाम से बैंक खाता खोला जाएगा.
खाता खुलने के बाद पंचायतों को निर्धारित प्रपत्र में बैंक का नाम, IFSC कोड, खाता संख्या समेत अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी. इसके साथ ही बैंक पासबुक की छायाप्रति और खातों से संबंधित समेकित सूची भी जमा करनी होगी.
एक सप्ताह के भीतर देनी होगी पूरी जानकारी
निर्देश के अनुसार बैंक खाता खुलने के बाद उसकी पूरी जानकारी एक सप्ताह के अंदर उपलब्ध करानी होगी. इसका उद्देश्य योजना की राशि का यथाशीघ्र हस्तांतरण सुनिश्चित करना है.
जारी पत्र में बताया गया है कि कोषागार के माध्यम से राशि अंतरण के लिए पे-आईडी जिला स्तर पर तैयार की जाएगी. संबंधित प्रखंड समन्वयकों को पंचायत सचिव और मुखिया को बैंक खाता खोलने में आवश्यक सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया है.
सात प्रखंडों की 51 पंचायतों का हुआ चयन
पंचायत ज्ञान केंद्र के लिए देवघर जिले के सात प्रखंडों की पंचायतों का चयन किया गया है. इनमें देवघर, देवीपुर, मधुपुर, मोहनपुर, पालोजोरी, सारठ और सारवां प्रखंड शामिल हैं.
चयनित पंचायतों में सबसे अधिक 15 पंचायतें सारठ प्रखंड की हैं. वहीं मोहनपुर प्रखंड की 11 पंचायतों को भी योजना में शामिल किया गया है.
सारठ की इन 15 पंचायतों में खुलेगा पंचायत ज्ञान केंद्र
सारठ प्रखंड की 15 पंचायतों का चयन किया गया है. इनमें बड़वाद, बसाहाटांड़, जमुआसोल, लगवां, मंझलाडीह, नवादा, सबेजोर, सारठ, शिमला, ठाड़ी, केरा बांक, बोचबांध, दुमदुमी, आसनबनी और अलुवारा पंचायत शामिल हैं.
सारठ में पंचायत ज्ञान केंद्रों की स्थापना से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर डिजिटल और सूचना संबंधी सेवाओं तक पहुंच मिलने की उम्मीद है.
ग्रामीणों को क्या होगा फायदा?
पंचायत ज्ञान केंद्रों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को जरूरी जानकारी और डिजिटल सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है. इससे ग्रामीणों को कई प्रकार की सेवाओं और सूचनाओं के लिए दूर जाने की जरूरत कम हो सकती है.
अब बैंक खाते खोलने और योजना की राशि के हस्तांतरण से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित पंचायतों में पंचायत ज्ञान केंद्रों के अधिष्ठापन का रास्ता साफ होगा.
किस प्रखंड की कितनी पंचायतें चयनित?
- देवघर : 6 पंचायत
- देवीपुर : 4 पंचायत
- मधुपुर : 6 पंचायत
- मोहनपुर : 11 पंचायत
- पालोजोरी : 2 पंचायत
- सारठ : 15 पंचायत
- सारवां : 7 पंचायत
- कुल : 51 पंचायत
