QR कोड स्कैन करते ही पंजीकरण,अब डिजिटल होगी डॉक्टर की पर्ची

देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए ई-प्रिस्क्रिप्शन और 'स्कैन एंड रजिस्टर' व्यवस्था शुरू की गई है. अब क्यूआर कोड स्कैन कर मरीज तुरंत अपना पंजीकरण करा सकेंगे, जिससे लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा.

देवघर. जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में ई-प्रिस्क्रिप्शन और ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ व्यवस्था की शुरुआत की गयी है. उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश और सिविल सर्जन के मार्गदर्शन में जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल पर्ची की व्यवस्था लागू की जा रही है. इससे मरीजों के पंजीकरण से लेकर डॉक्टर की पर्ची तक की प्रक्रिया डिजिटल होगी.

जसीडीह से शुरू हुई व्यवस्था, अब ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार

डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था की शुरुआत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसीडीह से की गयी, जहां इसका शत-प्रतिशत उपयोग दर्ज किया गया है. इसके बाद करौं और पालाजोरी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसे तेजी से लागू किया जा रहा है. इसी के साथ जिले में ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है. अभियान का समन्वय जिला कार्यक्रम समन्वयक सुधांशु रंजन कर रहे हैं.

डॉ. प्रभात रंजन ने 131 मरीजों की बनायीं डिजिटल पर्चियां

शुक्रवार 18 सितंबर को जनरल मेडिसिन के डॉक्टर सह जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन ने 131 ओपीडी मरीजों की शत-प्रतिशत ई-प्रिस्क्रिप्शन पर्चियां बनायीं. डिजिटल व्यवस्था को धरातल पर लागू करने में जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. प्रभात रंजन, सदर अस्पताल देवघर की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा, अनुमंडलीय अस्पताल मधुपुर और सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही.

मरीजों को क्या-क्या लाभ होगा

क्यूआर कोड से त्वरित पंजीकरण: अस्पताल पहुंचते ही क्यूआर कोड स्कैन कर चंद सेकंड में पंजीकरण की सुविधा मिलेगी. लंबी कतार से राहत: पंजीकरण प्रक्रिया डिजिटल होने से काउंटर पर लगने वाली भीड़ और इंतजार कम होगा. पर्ची खोने की चिंता खत्म: ई-प्रिस्क्रिप्शन डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा, जिससे पर्ची फटने या खोने की समस्या नहीं होगी. मेडिकल रिकॉर्ड सुरक्षित: मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी विवरण डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सकेंगे. इलाज में सटीकता: डॉक्टरों को मरीज की पूर्व स्वास्थ्य जानकारी उपलब्ध होने से उपचार में मदद मिलेगी. दवाओं के नाम स्पष्ट: कंप्यूटर पर तैयार पर्ची में दवाओं के नाम और निर्देश स्पष्ट व पठनीय होंगे. समय की बचत: पंजीकरण और पर्ची की प्रक्रिया तेज होने से मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं कम समय में मिल सकेंगी. पारदर्शिता में वृद्धि: डिजिटल व्यवस्था से स्वास्थ्य सेवाओं की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी होगी.

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By Sanjeet mandal

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