Deoghar News : दशलक्षण पर्व : संयम ही आत्मा का सौंदर्य है: ज्ञानचंद्र

दशलक्षण महापर्व के छठे दिवस पर मंगलवार को उत्तम संयम धर्म का विशेष पूजन किया गया. सुबह अभिषेक व शांतिधारा का आयोजन हुआ, जिसमें सुरेश जैन, सौरभ जैन, गौरव जैन एवं वैभव जैन ने हिस्सा लिया.

संवाददाता, देवघर : दशलक्षण महापर्व के छठे दिवस पर मंगलवार को उत्तम संयम धर्म का विशेष पूजन किया गया. सुबह अभिषेक व शांतिधारा का आयोजन हुआ, जिसमें सुरेश जैन, सौरभ जैन, गौरव जैन एवं वैभव जैन ने हिस्सा लिया. इसके बाद आरती, सामूहिक पूजन, भगवान शीतलनाथ व पंचबालयति पूजन, स्वयंभू पाठ दशलक्षण पूजन और उत्तम संयम धर्म का पूजन संपन्न हुआ. शाम चार बजे से सुगंध दशमी का धूप खेपायन कार्यक्रम आयोजित किया गया. तत्पश्चात आरती व फैंसी ड्रेस सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ. शास्त्र वाचन में पंडित ज्ञानचंद्र जैन ने उत्तम संयम धर्म के महत्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मनुष्य की पांच इंद्रियों पर नियंत्रण आवश्यक है. जीवन के दो मार्ग होते हैं योग का और भोग का, प्रवृत्ति का और निवृत्ति का. जब मनुष्य त्याग, धर्म, सत्य और संयम से जुड़ता है, तब उसकी यात्रा ईश्वर की ओर होती है. अन्यथा संयमहीन जीवन मृत शरीर के शृंगार की तरह व्यर्थ है. संयम ही आत्मा का सौंदर्य और परम आनंद है. यही सद्गति प्राप्त करने का प्रमुख साधन है. संयम का अर्थ भोग और त्याग की अति से ऊपर उठकर संतुलन का मार्ग अपनाना है. इस अवसर पर जैन मंदिर के अध्यक्ष राजेश जैन, उपाध्यक्ष सुरेश जैन, मंत्री सुरेश पाटनी, कोषाध्यक्ष जुगल जैन, पवन जैन काला, जौली जैन, नरेंद्र जैन इंजीनियर, अशोक जैन, डॉ. आनंद जैन, प्रमोद जैन, अजीत जैन, बसंत, मंजू जैन, सीमा जैन, प्रमिला जैन, इंद्रा पाटनी, चित्रा जैन, शशी जैन, मीना पाटनी, मीना छावड़ा, कल्पना जैन, प्रीति जैन, सीमा जैन मेघदूत आदि उपस्थित थे.

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By Sanjeev Mishra

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