जनसंख्या वृद्धि से बेरोजगारी, आर्थिक असमानता और गरीबी पर पड़ा है असर

मधुपुर महाविद्यालय परिसर में जनसंख्या दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्राभारी प्राचार्य समेत अन्य कई व्याख्यताओं ने अपने विचार रखे. वक्ताओं ने जनसंख्या बढ़ने के दुष्परिणामों पर चर्चा कर लोगों को सचेत किया.

मधुपुर. महाविद्यालय सभागार में गुरुवार को समारोह पूर्वक विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया. मौके पर महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य डा. रत्नाकर भारती ने कहा कि जनसंख्या वृद्धि पूरे विश्व की समस्या है. खास कर भारत में यह और भी अधिक विकराल रूप ले रही है, जिसके कारण बेरोजगारी, आर्थिक विकास में कमी, गरीबी, आय वितरण व सामाजिक सुरक्षा भी प्रभावित होते है. उन्होंने कहा कि शिक्षा व जागरूकता के आधार पर ही इस समस्या का समाधान किया जा सकता है. हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. रंजीत कुमार ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस संयुक्त राष्ट्र की एक पहल है, जिसे पूरी दुनिया हर साल 11 जुलाई को मनाता है. इसके अलावा इस दिन का उद्देश्य दुनिया की बढ़ती आबादी और प्रजनन और स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरुकता पैदा करना भी है. हमें आसपास के लोगों को इस समस्या से अवगत कराने व जागरूक करने की आवश्यकता है. इसके अलावा प्रो. रंजीत कुमार प्रसाद, प्रो. होरेन हांसदा व रंजीत रवानी ने भी अपने विचार व्यक्त किये. मंच का संचालन रामचंद्र झा ने किया. मौके पर सहायक प्राध्यापक विजेंद्र तुरी, डा. अनीता गुआ हेम्ब्रम, सहायक प्राध्यापक प्रेम रौशन एक्का, डा. अश्विनी कुमार, डा. उत्तम शुक्ला, आशुतोष कुमार, मुजम्मिल हुसैन, तबस्सुम अंसारी, शिवनंदन राय मौजूद थे.

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