अदालती आदेश पर सील हुआ चांदना स्कूल, छात्रों ने बीईईओ को घंटों बनाया बंधक

Chandna Middle School Sealed: देवघर के चांदना उत्क्रमित मध्य विद्यालय को जमीन विवाद में अदालत के आदेश पर सील कर दिया गया. स्कूल बंद मिलने से छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और बीईईओ को घंटों घेरकर रखा. शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों को पास के विद्यालय से टैग कर पढ़ाई शुरू कराने का आश्वासन दिया.

देवघर से अजय यादव और लक्ष्मण चौधरी की रिपोर्ट

Chandna Middle School Sealed: झारखंड के देवघर जिले के सोनारायठाढ़ी प्रखंड स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चांदना में जमीन विवाद का असर अब बच्चों की पढ़ाई पर पड़ने लगा है. न्यायालय के आदेश पर रविवार को विद्यालय परिसर को सील कर दिया गया. सोमवार की सुबह जब छात्र-छात्राएं रोज की तरह स्कूल पहुंचे तो मुख्य गेट पर ताला लटका देखकर हैरान रह गए. स्कूल बंद मिलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने विद्यालय के बाहर सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया. छात्रों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा जल्द से जल्द विद्यालय खोलने की मांग की.

स्कूल पहुंचने पर बीईईओ को छात्रों ने घेर लिया

विद्यालय बंद होने की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग की ओर से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) अमिताभ झा को मौके पर भेजा गया. जैसे ही वे विद्यालय पहुंचे, वहां मौजूद आक्रोशित छात्रों और अभिभावकों ने उन्हें चारों ओर से घेर लिया. आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने बीईईओ को काफी देर तक जाने नहीं दिया और उन्हें बंधक बनाकर रखा. इस दौरान छात्रों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने की मांग की. स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी रही और मौके पर भारी भीड़ जुट गई. प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना था कि जमीन विवाद में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका समाधान प्रशासन को तत्काल निकालना चाहिए.

पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद कराया मुक्त

बीईईओ को घेरने की सूचना मिलते ही सोनारायठाढ़ी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. थाना प्रभारी रोहित दांगी पुलिस बल के साथ विद्यालय पहुंचे और काफी समझाने-बुझाने के बाद बीईईओ को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाला. मौके पर सोनारायठाढ़ी की बीडीओ नीलम कुमारी भी मौजूद रहीं. प्रशासनिक अधिकारियों ने छात्रों और अभिभावकों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का भरोसा दिलाया. पुलिस और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई. हालांकि इस दौरान कुछ समय के लिए विद्यालय के सामने सड़क पर जाम की स्थिति भी बनी रही, जिससे स्थानीय लोगों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा.

250 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ा असर

बीईईओ अमिताभ झा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के कारण विद्यालय को सील किया गया है, जिससे लगभग 250 विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई प्रभावित हुई है. उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी विभाग के वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. विभाग का प्रयास है कि बच्चों की शिक्षा बाधित न हो और जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग निकटवर्ती विद्यालय से चांदना स्कूल के विद्यार्थियों को टैग करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इससे विद्यार्थियों की कक्षाएं नियमित रूप से संचालित की जा सकेंगी और उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होगा.

मंगलवार से दूसरे विद्यालय में होगी पढ़ाई

जिला शिक्षा अधीक्षक मधुकर कुमार ने बताया कि चांदना विद्यालय के छात्रों को मंगलवार तक नजदीकी विद्यालय से टैग कर दिया जाएगा. इसके बाद सभी छात्र उसी विद्यालय में नियमित रूप से पढ़ाई कर सकेंगे. उन्होंने कहा कि विभाग बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है और किसी भी कीमत पर उनकी शिक्षा बाधित नहीं होने दी जाएगी.

हाईकोर्ट में अपील की तैयारी

जिला शिक्षा अधीक्षक ने यह भी बताया कि न्यायालय के आदेश के संबंध में कानूनी विशेषज्ञों से राय ली जा रही है. यदि आवश्यक हुआ तो आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय की उपयुक्त पीठ में अपील दायर की जाएगी. विभाग का उद्देश्य विद्यालय को दोबारा संचालित कराना और छात्रों को उनके पुराने विद्यालय में पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराना है.

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बच्चों की पढ़ाई जारी रखने की तैयारी में जुटा शिक्षा विभाग

फिलहाल शिक्षा विभाग वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने की तैयारी में जुटा है, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जमीन विवाद के समाधान की दिशा में भी आवश्यक कदम उठा रहा है. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किसी कानूनी विवाद का सबसे बड़ा असर आखिरकार उन बच्चों पर पड़ता है, जिनका उससे कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता.

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By Kumarvishwat sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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