Baba Baidyanath Dham News: बाबा बैद्यनाथ धाम विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. बाबाधाम में अयोध्या की तर्ज पर मंदिर परिसर के आसपास 30 एकड़ में सुव्यवस्थित और भव्य कॉरिडोर विकसित होगा. नया कॉरिडोर बेहतर यातायात व्यवस्था, पैदल यात्रियों के लिए विशेष क्षेत्र और आधुनिक तीर्थ सुविधाओं से लैस होगा. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद एनआइटी पटना बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर परिसर के व्यापक विकास का खाका बना रहा है.
योजना के पहले चरण में करीब 30 एकड़ क्षेत्र में मंदिर कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है. बाबाधाम को देवघर के चार प्रमुख प्रवेश मार्गों से जोड़ने की तैयारी है. इसके लिए अलग-अलग तीर्थयात्री पहुंच मार्ग विकसित किए जाएंगे. सूत्रों के अनुसार, कॉरिडोर विकास योजना को तीन चरणों में पूरा करने की तैयारी है. दूसरे चरण में करीब 40.24 एकड़ क्षेत्र में रणनीतिक विकास कार्य होंगे. 83.70 एकड़ क्षेत्र में फैले ऐतिहासिक जल निकायों के संरक्षण और पुनर्जीवन की योजना भी बनाई गई है. शिवगंगा, मानसरोवर, सतार पोखरिया और जलसार जैसे धार्मिक महत्व वाले जल स्रोतों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
मंजूरी के बाद ही जमीन पर उतरेगी योजना
एनआइटी पटना की रिपोर्ट में भूमि आवश्यकता, कॉरिडोर की दिशा, पुनर्विकास क्षेत्र, यातायात व्यवस्था और आधारभूत सुविधाओं का पूरा खाका बनाया जा रहा है. हालांकि योजना लागू करने से पहले झारखंड सरकार, देवघर जिला प्रशासन, देवघर नगर निगम, बाबा बैद्यनाथ मंदिर ट्रस्ट, हेरिटेज और नगर नियोजन से जुड़ी एजेंसियों की मंजूरी जरूरी होगी.
750 मीटर का होगा ‘कोर हेरिटेज जोन’
बाबाधाम के विकास प्लान में मंदिर के आसपास 750 मीटर क्षेत्र को ‘कोर हेरिटेज जोन’ बनाने का प्रस्ताव है. यह क्षेत्र पूरी तरह श्रद्धालु केंद्रित होगा. इस जोन में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी. निजी वाहनों की आवाजाही सीमित होगी. अतिक्रमण और अव्यवस्थित निर्माण पर रोक होगी और केवल आपातकालीन वाहन, मंदिर प्रशासन और अधिकृत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेवाओं की अनुमति होगी.
750 से 1000 मीटर तक बनेगा मैनेजमेंट जोन
कोर हेरिटेज जोन के बाहर 750 से 1000 मीटर क्षेत्र को ‘मैनेजमेंट जोन’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है. यह क्षेत्र मंदिर और शहर के बीच एक ट्रांजिशन एरिया के रूप में काम करेगा. यहां तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, मल्टी लेवल पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन इंटरचेंज, विश्राम स्थल व अन्य सहायक सुविधाएं विकसित होंगे.
आपातकाल के लिए अलग 20 मीटर चौड़ा रास्ता बनेगा
नई योजना में 20 मीटर चौड़ा इमरजेंसी एक्सेस कॉरिडोर भी प्रस्तावित है. यह मार्ग हमेशा खुला रहेगा और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त रखा जाएगा. भीड़ के दौरान दुर्घटना, स्वास्थ्य आपातकाल या सुरक्षा संबंधी स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा.
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