53.15 लाख श्रद्धालुओं ने किया बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण, शीघ्र दर्शनम् से 7.20 करोड़ की आय

देवघर श्रावणी मेला में 53 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण किया. शीघ्र दर्शनम् से मंदिर प्रशासन को 7.20 करोड़ रुपये की आय हुई है.

बासुकिनाथ में अब तक 24,78,402 कांवरियों ने किया जलार्पण

Sanjeet Mandal, देवघर : राजकीय श्रावणी मेला 2026 में 22 अगस्त तक 53,14,989 देवतुल्य श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर चुके हैं. इनमें 2,00,116 श्रद्धालुओं ने शीघ्र दर्शनम् की सुविधा का लाभ उठाया. वहीं बासुकिनाथ में अब तक 24,78,402 कांवरियों ने जलार्पण किया.वहीं बासुकिनाथ श्रावणी मेला में अब तक 24,78,402 कांवरियों ने जलार्पण किया.

मेला के अंतिम चरण और अंतिम सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन ने सुरpक्षा, स्वास्थ्य, आवासन, यातायात और श्रद्धालु सुविधा की तैयारियां पूरी कर ली हैं. यह जानकारी डीसी सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया और एसपी प्रवीण पुष्कर ने शनिवार को आरएल सर्राफ स्थित अस्थायी मीडिया सेंटर में आयोजित साप्ताहिक प्रेसवार्ता में दी. डीसी ने बताया कि अगले सप्ताह बुधवार या गुरुवार में जिस दिन भीड़ कम होगी, उस दिन देवघर के स्थानीय लोगों को नि:शुल्क शीघ्र दर्शनम् से जलार्पण का अवसर दिया जायेगा. इसके लिए स्थानीय लोगों को फोटोयुक्त आइडी प्रूफ साथ लाना होगा. उन्होंने कहा कि बाबा पर जलार्पण करने आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है.

शीघ्र दर्शनम् से 7.20 करोड़ की आय

22 अगस्त तक 2,00,116 शीघ्र दर्शनम् कूपन हुए. ₹600 प्रति कूपन के हिसाब से कुल कूपन राशि ₹12,00,69,600 हुई. इसमें 60 प्रतिशत हिस्सा मंदिर प्रशासन को मिलने के आधार पर ₹7,20,41,760 की आय हुई है. अगले साल दो हेलीकॉप्टर रखने का प्रयास

बाबा बैद्यनाथ मंदिर और बासुकिनाथ मंदिर की हवाई परिक्रमा को लेकर डीसी ने कहा कि इस बार श्रद्धालुओं से अच्छा रिस्पांस मिला है. अगले साल और बेहतर तैयारी की जायेगी. प्रयास रहेगा कि दो हेलीकॉप्टर यहां उपलब्ध रहें, ताकि अधिक से अधिक सक्षम श्रद्धालु हवाई परिक्रमा का लाभ उठा सकें. अंतिम सोमवारी पर विशेष नजर डीसी ने कहा कि अंतिम सोमवारी में बड़ी संख्या में कांवरियों के आने की उम्मीद है. जिला प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी पूर्व की तरह सभी स्थानों पर मुस्तैद रहेंगे. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी मुकम्मल व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गयी हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में भी सभी के सहयोग से मेला का सफल संचालन करते हुए सफलता के नये आयाम स्थापित किये जायेंगे. 71,198 कांवरियों को परिजनों से मिलाया मेला क्षेत्र में 597 मजिस्ट्रेट व पदाधिकारी तथा 6,763 पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति है. चार एसपी, सीआरपीएफ की तीन कंपनियां तथा एनडीआरएफ व एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात हैं. 77 स्थानों पर आवासन की व्यवस्था की गयी है. 111 चिकित्सक, 470 पारा मेडिकल स्टाफ, 16 सामान्य एंबुलेंस, 24-108 एंबुलेंस और छह जीप उपलब्ध हैं. अब तक 33,224 मरीजों का उपचार किया गया है. 34 सूचना केंद्रों में 88,328 खोये-पाये कांवरियों का निबंधन हुआ, जिनमें 71,198 को उनके परिजनों से मिलाया गया. केंद्रों पर 220 उद्घोषक, मातृत्व विश्राम गृह के लिए 45 महिलाएं, पांच टोटो और छह सांस्कृतिक मंच की व्यवस्था है. 35 अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में 30 जुलाई से 19 अगस्त तक 1,80,562 श्रद्धालुओं का उपचार हुआ. सुरक्षित जलार्पण ध्येय, अपराधियों पर कड़ी नजर : एसपी एसपी प्रवीण पुष्कर ने बताया कि सुरक्षा और यातायात के लिए 21 अस्थायी पुलिस ओपी और 13 यातायात ओपी संचालित हैं. पुलिस प्रशासन का ध्येय सुरक्षित और सुलभ जलार्पण कराना है. अंतिम सोमवारी के लिए भी हम तैयार हैं. डीडीसी पीयूष सिन्हा ने मेला की सफलता में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया. नगर आयुक्त सुलोचना मीणा ने नगर निगम की व्यवस्थाओं की जानकारी दी. एसडीओ रवि कुमार, डीपीआरओ राहुल कुमार भारती, एपीआरओ रोहित कुमार विद्यार्थी समेत विभिन्न मीडिया संस्थानों के प्रतिनिधि और जनसंपर्क कर्मी उपस्थित थे. मेला में विभागवार राजस्व

परिवहन विभाग, राज्य प्रवेश शुल्क : ₹70,09,800 वाणिज्य कर : ₹3,10,58,000 विद्युत विभाग : ₹73,27,830 नगर निगम : ₹1,06,50,000




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By Prabhat khabar news desk

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