एम्स देवघर के नाक-कान-गला (इएनटी) विभाग ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. संस्थान में अत्याधुनिक ऑडियोलोजी एंड स्पीच लेबोरेट्री के साथ विभागीय फैकल्टी और कार्यालय कक्षों का एफ-ब्लॉक में विधिवत उद्घाटन किया गया. इस सुविधा के शुरू होने से सुनने, बोलने और संचार संबंधी विकारों से जूझ रहे मरीजों को बेहतर जांच और उपचार की सुविधा मिलेगी. प्रयोगशाला और नये कक्षों का उद्घाटन एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो (डॉ) नितिन एम गंगने, डीन (एकेडमिक्स) डॉ हरमिंदर सिंह और उप निदेशक लेफ्टिनेंट कर्नल अभिक दास ने किया. इस अवसर पर संस्थान के फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, छात्र और कर्मचारी भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने इस पहल को चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और शोध के क्षेत्र में एम्स देवघर की बढ़ती क्षमता का महत्वपूर्ण कदम बताया.
एक ही केंद्र में होंगी सुनने और बोलने से जुड़ी आधुनिक जांचें
नवनिर्मित ऑडियोलोजी एंड स्पीच लेबोरेट्री में मरीजों के लिए सुनने और भाषण संबंधी समस्याओं की विस्तृत जांच एवं पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध होंगी. यहां प्योर टोन आडियोमेट्री (पीटीए), इंपेडेंस आडियोमेट्री, ओटोकॉस्टिक आडियोमेट्री, ओटोकॉस्टिक इमीसंस, ब्रेनस्टेम इवोक्ड रेसपांस आडियोमेट्री, स्पीच रिसेप्शन थ्रेसहोल्ड असेसमेंट और आडिटोरी स्टीडी-स्टेट रेसपांस जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं शुरू की गयी हैं. इसके अलावा मरीजों को स्पीच एंड लेग्वेज थिरेपी और टीन्नीटस रिट्रेनिंग थिरेपी की सुविधा भी मिलेगी.
पीजी प्रशिक्षण और शोध को भी मिलेगा बढ़ावा
इएनटी विभाग के अनुसार, इस सुविधा के शुरू होने से मरीजों में सुनने और बोलने संबंधी समस्याओं की जल्द पहचान संभव होगी और समय पर उपचार व पुनर्वास उपलब्ध कराया जा सकेगा. साथ ही यह प्रयोगशाला चिकित्सा छात्रों, रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रशिक्षण और विभागीय शोध गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करेगी. एम्स देवघर ने इस पहल को व्यापक कान, नाक और गला स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि बताया है.
