बैठक में मदरसा व संस्कृत स्कूलों के शिक्षक कर्मचारियों ने पेंशन को लेकर की मंत्रणा

मदरसा व संस्कृत स्कूलों के शिक्षक कर्मचारियों की पेंशन को लेकर हुई बैठक

मधुपुर. शहर के बावनबीघा स्थित रेलवे टीटीसी मैदान में शुक्रवार को अविभाजित बिहार के समय से प्रस्तावित मदरसों व संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत शिक्षक कर्मचारियों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें मदरसा व संस्कृत विद्यालय के शिक्षक शामिल हुए. बैठक में झारखंड सरकार की अधिसूचना 3486 के 10 सितंबर का विरोध करते हुए निर्णय लिया गया कि इस अधिसूचना के अनुसार अवकाश प्राप्त शिक्षक कर्मचारी किसी तरह का कोई भी पेंशन के संबंध में कागजात जमा नहीं करेंगे. शिक्षकों ने बताया कि झारखंड उच्च न्यायालय के संकल्प संख्या 2020 दिनांक 24 अक्तूबर 2014 के अनुसार शिक्षक कर्मचारियों का पेंशन आदि का भुगतान तीन महीने में करने के लिए कहा था. निर्णय का अनुपालन नहीं होने कि स्थिति में अवमाननाबाद संख्या 972/2024 फाइल किया गया था. इसमें भी संकल्प संख्या 2020 दिनांक 24 अक्तूबर 2014 में किसी प्रकार कि बिना कोई भी विकृति किये भुगतान करना है. न्यायालय में अगली सुनवाई 26 सितंबर की तिथि निर्धारित की गयी है. न्यायालय की अंतिम निर्णय की हम सभी शिक्षक प्रतीक्षा में है. मौके पर मो अलाउद्दीन, मो बलिउल्लाह, घनश्याम झा, जनार्दन पाण्डेय, मो शमीम, मो जहीद हुसैन, जेबुन निशा, मनोज कुमार राय, मो मेहरुद्दीन, मो अलीमुद्दीन, मो गुफरान, अनवर कौनेन, व्यास देव पाण्डेय, शिवानंद पाण्डेय, अब्दुल जब्बार, श्रीकांत पाण्डेय, मंतोष तिवारी समेत अन्य मौजूद थे. हाइलार्ट्स : मदरसा व संस्कृत स्कूलों के शिक्षक कर्मचारियों की पेंशन को लेकर हुई बैठक

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