गोड्डा: दवा व्यवसायी शिवशंकर साहा हत्याकांड की गुत्थी गोड्डा पुलिस ने घटना के पांच दिन बाद सुलझा लेने का दावा किया है. इस मामले में पुलिस ने दवा व्यवसायी की पत्नी मीना देवी, उसका प्रेमी मसानजोर निवासी अमोद रंजन व सुपारी किलर देवघर के पुरनदाहा निवासी विक्रम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. साथ […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
गोड्डा: दवा व्यवसायी शिवशंकर साहा हत्याकांड की गुत्थी गोड्डा पुलिस ने घटना के पांच दिन बाद सुलझा लेने का दावा किया है. इस मामले में पुलिस ने दवा व्यवसायी की पत्नी मीना देवी, उसका प्रेमी मसानजोर निवासी अमोद रंजन व सुपारी किलर देवघर के पुरनदाहा निवासी विक्रम कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही घटना को अंजाम देने के प्रयुक्त सामान को भी बरामद कर लिया है. यह जानकारी एसपी हरिलाल चौहान ने आयोजित पत्रकार सम्मेलन में दी.
उन्होंने बताया कि तीनों आरोपित ने हत्याकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और जो खुलासा किया वह चौंकाने वाली है. बताया कि दवा व्यवसायी शिवशंकर साह की पत्नी ने हत्या की साजिश अपने प्रेमी अमोद रंजन के साथ मिल कर रची थी. अमोद ने ही देवघर के पुरनदाहा काली मंदिर निवासी सुपारी किलर विक्रम को घटना को अंजाम देने के लिए हायर किया था. एसपी ने बताया कि हत्याकांड का कारण दवा व्यवसायी शिव शंकर की पत्नी मीना का अमोद के साथ अवैध संबंध होना है. दोनों के बीच के संबंध की जानकारी शिवशंकर को हो गयी थी. इस कारण पति-पत्नी में आये दिन कलह होता था. इससे तंग आकर मीना ने पति ने रास्ते से हटाने का निर्णय लिया. और प्रेमी के साथ मिल को पति को मार डाला.
बीएड कॉलेज में मीना व अमोद की हुई थी दोस्ती
एसनी ने बताया कि दवा व्यवसाी की पत्नी मीना देवघर से बीएड की पढ़ाई कर रही है. इसी दौरान उसका परिचय मसानजोर निवासी अमोद रंजन से हुआ. दोनों के बीच दोस्ती बढ़ते गयी और दोस्ती शरीरिक संबंध तक बढ़ गया. इसके बाद दोनों उक दूसरे के बीना नहीं रहने लगे. दसी बीच देवघर में ही शिवशंकर ने पत्नी को अमोद के साथ आपत्तिजनक स्थति में देख लिया. इस दौरान अमोद व शिवशंकर के बीच हाथापाई भी हुई थी. इसको लेकर घर में लगतार पति-पत्नी के बीच विवाद होते रहता था.
मकर संक्रांति के एक दिन पहले रची साजिश
एसपी ने बताया कि मकर संक्रांति के एक दिन पहले हत्या की सजिश रची गयी थी. दवा व्यवसायी की पत्नी मीना का प्रेमी अमोद व सुपारी किलर विक्रम दोनों 13 जनवरी को ही गोड्डा पहुुंच गया था. मीना ने ही दोनों को घर की दूसरी चाबी दे दी थी और वह मायके चली गयी थी. हत्याकांड की रात दवा व्यवसायी के घर पहुंचने से पहले अमोद व विक्रत उसके घर पहुंच गये थे और छुप कर बैठे थे. खाना खाने के बाद शिवशंकर सो गया. इसके बाद दाेनों ने हथौड़े से शिवशंकर के सिर पर प्रहार किया. इसके बाद शिवशंकर की मौत हो गयी. इनलोगों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दी. शिवशंकर के मरने के बाद उसके सिर में छेनी से छेद कर दिया. ताकि बचासुचा तान भी चली जाये. इस दौरान आरािपत का जूता भी खून से सन गया था.
आरोपित ने खून से सने जूते को छोड़कर मृतक का जूता पहनकर भाग गया और रातो रात ही देवघर पहुंच गया. इसके बाद मीना ने आपने पिता को पति का हाल जानने भेजा. इसके बाद शिवशंकर की हत्या होने का जानकारी मिली. पुलिस ने हथौड़ा, छेनी, हत्याकांड के बाद प्रयुक्त अन्य समान जैसे मृतक का पहचान पत्र व घर की चाबी को भी हत्यारे के पास से बरामद किया है.
तकनीकी सेल ने सुलझायी गुत्थी
एसपी ने कहा कि हत्याकांड का खुलासा करने में पुलिस की तकनीकी सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही. पुलिस ने तकनीक के आधार पर गुत्थी को सुलझाया है. हत्याकांड के बाद से ही पुलिस मृतक की पत्नी के मोबाइल डिटेल को लगातार खंगाल रही थी. इसी दौरान पुलिस को सफलता मिली. पुलिस ने दवा व्यवसायी की पत्नी के आशिक से सख्ती से पूछताछ की. इसके बाद मामले का उद्भेदन किया गया.
पुलिस पदाधिकारी होंगे पुरस्कृत
एसपी हरिलाल चौहान ने बताया कि मामले का उद्भेदन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा. एसडीपीओ अभिषेक कुमार, डीएसपी हेडक्वार्टर बब्बन सिंह, इंस्पेक्टर अशोक कुमार गिरी, थाना प्रभारी राजेश कुमार ने इस मामले में अनुसंधान किया.
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