मधुपुर. शहर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में साहित्यकार रांगेय राघव की जयंती, कामरेड ज्योति बसु की पुण्यतिथि व रोहित वेपुल की शहादत दिवस पर उन्हें याद किया गया. तीनों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर लोगों ने श्रद्धासुमन अर्पित किया गया. इस अवसर पर धनंजय प्रसाद ने कहा कि रांगेघ राघव बहुमुखी व विलक्षण प्रतिभा के धनी रचनाकार थे. हिन्दी साहित्य में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है. वे कवि, कहानीकार, उपन्यासकार, नाटककार, अनुवादक, रिपोर्ताज व यात्रा वृत्तांतकार थे. उन्हें हिंदी सहित संस्कृत, अंग्रेजी, तमिल व ब्रज आदि भाषाओं पर अधिकार था. उन्होंने 40 उपन्यास, 10 कहानी संग्रह, 3 नाटक, दर्जनों विदेशी कविताओं व रचनाकारों की रचनाओं का अनुवाद किया. इसमें प्रमुख रूप से हेमलेट, वेनिस, शेक्सपियर की रचनाएं है. उनका प्रमुख उपन्यास धरौंधा, मुर्दों का टीला, सीधा साधा रास्ता व विषाद मठ आदि है. उन्होंने कहा कि कामरेड ज्योति बसु महान जननेता थे. उन्होंने चुनाव के माध्यम से दुनिया के सबसे अधिक दिनों तक सत्ता का बेहतर संचालन करने वाले मुख्यमंत्री रहे. उन्होंने ताजिंदगी जनसेवा के लिए खुद को समर्पित कर दिया. अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किये. हाइलार्ट्स : रांगेय राघव की जयंती, ज्योति बसु की पुण्यतिथि व रोहित वेपुल की शहादत दिवस पर किया गया याद मधुपुर के भेड़वा नवाडीह स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में आयोजन
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