देवघर : शैक्षणिक व प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन नहीं होने की वजह से देवघर के 599 नवनियुक्त शिक्षकों को पिछले छह माह से वेतन का भुगतान नहीं हुआ है. प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए सभी नवनियुक्त शिक्षकों से डिमांड ड्रॉफ्ट भी जमा ले लिया गया है. वेतनादि का भुगतान नहीं होने की वजह से नवनियुक्त शिक्षक आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं.
नवनियुक्त शिक्षकों ने डीसी देवघर, जिला शिक्षा अधीक्षक देवघर से लेकर विभाग के तमाम वरीय अधिकारियों से यथाशीघ्र सत्यापन कराने अथवा शपथ पत्र के आधार पर वेतनादि भुगतान के लिए गुहार लगा चुके हैं. पदाधिकारियों से लेकर अधिकारियों तक ने आश्वासन तो दिया लेकिन, अब वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है.
शिक्षक नियुक्ति में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद हर कोई शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन की आस लगाये हुए हैं. लेकिन, विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अबतक नवनियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक एवं प्रशैक्षणिक प्रमाण पत्रों को संबंधित बोर्ड अथवा विश्वविद्यालय जांच के लिए नहीं भेजा गया है. इससे पहले देवघर में शिक्षक नियुक्ति बहाली में 626 अभ्यर्थियों का चयन किये गये थे. सफल अभ्यर्थियों को जनवरी में ज्वाइन कराया गया. कक्षा एक से पांच एवं कक्षा छह से आठ तक में 599 अभ्यर्थियों ने ज्वाइन किया था. अन्य जिलों के नवचयनित शिक्षकों को ठहरने एवं खानेपीने में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.