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सीने में लगी तीर, डॉक्टरों ने बचायी जानपीएमसीएच में रात ग्यारह से तीन बजे तक चला ऑपरेशनफोटो : जेनरल में हैवरीय संवाददाता, धनबाद/देवघरदेवघर के दानी मुर्मू (42) के सीने में लगी तीर को सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने काफी मशक्कत के बाद निकाला. मरीज खतरे से बाहर है, फिलहाल वह सीसीयू (कार्डियक केयर यूनिट) के […]

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सीने में लगी तीर, डॉक्टरों ने बचायी जानपीएमसीएच में रात ग्यारह से तीन बजे तक चला ऑपरेशनफोटो : जेनरल में हैवरीय संवाददाता, धनबाद/देवघरदेवघर के दानी मुर्मू (42) के सीने में लगी तीर को सर्जरी विभाग के चिकित्सकों ने काफी मशक्कत के बाद निकाला. मरीज खतरे से बाहर है, फिलहाल वह सीसीयू (कार्डियक केयर यूनिट) के बेड नंबर पांच में भरती है. दानी के बहनोई सोनेलाल सोरेन ने बताया कि वे लोग देवघर के कालीपहाड़ी गांव में रहते हैं. कहा कि शुक्रवार की दोपहर दानी अपने घर में सोया था. तभी जमीन विवाद को लेकर रिश्ते का भगीना प्रमोद हांसदा ने तीर-धनुष के साथ हमला कर दिया. तीर दानी की पसली में जा धंसी. हो-हल्ला सुन कर आसपास के लोग जमा हुए, तब तक हमलावर फरार हो गया. स्थानीय अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया, वहां से मरीज को रात साढ़े दस बजे पीएमसीएच रेफर कर दिया गया. रात में पहुंचने पर चिकित्सक ने तत्काल भरती कर इलाज शुरू कर दिया. तीर मरीज की पसली में ही फंसी रही. ऑपरेशान टीम में सर्जरी विभागाध्यक्ष डा डीपी भदानी, डा अनिल कुमार, एनेस्थेसिया से डा मृत्युंजय कुमार आदि शामिल थे.डेढ़ घंटे चला ऑपरेशन, दो घंटे वेंटिलेटर परडा भदानी ने बताया कि रात ग्यारह बजे उन्हें मरीज के बारे में सूचना मिली. मरीज को जाकर हमलोगों ने देखा. तीर लंग्स में फंसा था. वहां से हमलोगों ने रिम्स ले जाने की सलाह दी. लेकिन मरीज के परिजनों ने बताया कि उसके पास रिम्स ले जाने के लिए न एंबुलेंस है, न कोई पैसा. उसका तत्काल ऑपरेशन भी जरूरी था. हमलोगों ने कोशिश शुरू कर दी. चिकित्सक की टीम बुलाकर सवा ग्यारह बजे ऑपरेशन शुरू कर दी. रात में अधीक्षक डा के विश्वास भी हौसला देने पहुंच गये. ऑपरेशन करने में डेढ़ घंटा लगा. इसके बाद मरीज की स्थिति खराब हो गयी. उसे डा मृत्युंजय ने काफी मशक्कत कर वेंटिलेटर पर दो घंटे तक रखा. स्थिति में सुधार होने पर तीन बजे से सीसीयू में भरती कराया गया. जहां स्थिति पहले से ठीक है.तीन यूनिट नि:शुल्क दिया गया खूनदानी के ऑपरेशन के लिए पूरा पीएमसीएच रात भर खड़ा रहा. जरूरत के हिसाब से उसे एबी बॉजिटिव तीन यूनिट खून नि:शुल्क दिया गया. रात भर के आॅपरेशन के बाद चिकित्सकों के चेहरे पर तब खुशी आयी, जब दानी ने बातचीत करनी शुरू कर दी. बहनोई सोनेलाल ने बताया कि पीएमसीएच ने नया जीवन दिया है. इसे ताउम्र परिवार वाले नहीं भूला सकते हैं.अधीक्षक ने दी बधाईपीएमसीएच के अधीक्षक डा के विश्वास ने सफल ऑपरेशन करने वाली टीम को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि अस्पताल में सुधार की लगातार कोशिश की जा रही है. कई ऐसे ऑपरेशन यहां किये जा रहे हैं, जिसे बाहर में कराने पर लाखों रुपये खर्च होते हैं. रात भर जकर ऑपरेशन करना सफल हुआ. हमने जाखिम लिया था, उसके दूसरे भी परिणाम आ सकते थे.

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