अस्पताल में मरीज की मौत, परिजनों ने जमकर किया बवाल, डॉक्टर का अपहरण कर की मारपीट

देवघर : देवघर के कास्टर टाउन स्थित जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में ऑपरेशन के बाद सदर अस्पताल में शनिवार की रात मरीज की मौत हो जाने पर मृतक के परिजनों ने जम कर बवाल किया. मरीज नीरज सिंह पूर्व विधायक चुन्ना सिंह के रिश्तेदार थे. आरोप है कि मरीज के परिजन सहित कुछ अन्य लोगों ने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
देवघर : देवघर के कास्टर टाउन स्थित जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में ऑपरेशन के बाद सदर अस्पताल में शनिवार की रात मरीज की मौत हो जाने पर मृतक के परिजनों ने जम कर बवाल किया. मरीज नीरज सिंह पूर्व विधायक चुन्ना सिंह के रिश्तेदार थे. आरोप है कि मरीज के परिजन सहित कुछ अन्य लोगों ने जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में ऑपरेशन करनेवाले डॉ मनीष कुमार का अपहरण कर लिया. इसके बाद उनके साथ मारपीट की. डॉ मनीष कुमार ने नगर थाने में आवेदन दिया है.
वहीं नीरज के भाई कुमार धीरज ने भी नगर थाने की पुलिस को दिये बयान में कहा है कि नीरज की मौत डॉक्टर की लापरवाही से हुई है. जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में ऑपरेशन से पहले एनेस्थेसिया के डॉक्टर को नहीं बुलाया गया था. डॉ मनीष ने खुद एनेस्थेसिया दिया था. नीरज को अधिक मात्रा में एनेस्थेसिया दे दिया गया. इससे उसकी मौत हो गयी.
डॉ मनीष ने नगर थाने में दिया आवेदन : नगर थाने में आवेदन देकर डॉ मनीष ने कहा है कि जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में मरीज नीरज सिंह की हड्डी का ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के बाद अचानक मरीज की हालत बिगड़ गयी. उसे सदर अस्पताल, देवघर के आइसीयू में रखा गया. वहीं, इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गयी.
इस बात से नाराज होकर कई लोग उन्हें अगवा कर सारठ की वीरान जगह में ले गये. उनके साथ मारपीट की. कुछ लोग घर जाकर पत्नी से यह कहते हुए एसबीआइ का चेकबुक मांग लिया कि उसके पति उनके कब्जे में हैं.
उनलोगों ने 50 लाख रुपये और चेक देने का दबाव बनाया. डर से पत्नी ने चेकबुक दे दी. मारपीट करते हुए उनसे चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराया गया. इसके बाद जसीडीह लाकर छोड़ दिया गया. इसके बाद उन्होंने सूचना देकर परिजन को बुलाया. घटना रात करीब 12:30 बजे की है. नगर पुलिस डॉ मनीष की शिकायत पर भी मामला दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है.
पूर्व विधायक चुन्ना सिंह का रिश्तेदार था नीरज, जीवक ऑर्थोपेडिक सेंटर में हुआ था ऑपरेशन
डॉ मनीष का आरोप : परिजनों व अन्य लोगों ने जबरन चेक पर हस्ताक्षर कराया
डॉ मनीष द्वारा ऑपरेशन के बाद नीरज नाम के मरीज की हालत बिगड़ी और मौत हो गयी. इसी मामले में मृतक के परिजनों ने लापरवाही से मौत की शिकायत की है. जबकि परिजनों द्वारा डॉक्टर से मारपीट की शिकायत मिली है. पुलिस सीसीटीवी फुटेज जांच कर कार्रवाई करेगी. नरेंद्र कुमार सिंह, एसपी, देवघर
आज से डॉक्टर जायेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
डॉ मनीष कुमार का अपहरण कर उनके साथ मारपीट किये जाने से आइएमए देवघर शाखा ने बैठक कर आरोपितों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी व सुरक्षा की मांग की है. आइएमए के अध्यक्ष डॉ आरएन प्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि हम सभी सदस्य व जिले के डॉक्टर शनिवार की रात हुई घटना की निंदा करते हैं. घटना में शामिल अपराधियों की 24 घंटे के अंदर गिरफ्तारी हो. घटना के विरोध में डाॅक्टर सोमवार से अनिश्चितकालिन हड़ताल पर चले जायेंगे.
एसपी से मिला आइएमए प्रतिनिधिमंडल
आइएमए अध्यक्ष डॉ आरएन प्रसाद के नेतृत्व में डॉक्टरों का एक प्रतिनिधिमंडल एसपी नरेंद्र कुमार सिंह से मिला.
एसपी से डॉ मनीष को अपहरण कर चेक पर जबरन हस्ताक्षर कराने व मारपीट कर घायल करने वाले आरोपितों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की. प्रतिनिधिमंडल ने एसपी को आवेदन भी दिया है, जिसमें पूरे घटनाक्रम का जिक्र है. आइएमए ने कहा कि पुलिस दोषियों को गिरफ्तार करे, अन्यथा सुबह से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.
भाई ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही बरतने का आरोप, थाने में शिकायत
नीरज के भाई कुमार धीरज ने नगर थाने की पुलिस को दिये बयान में कहा है कि नीरज की मौत डॉक्टर की लापरवाही बरतने से हुई है. डॉ मनीष ने अधिक मात्रा में खुद ही एनेस्थेसिया दे दिया. उन्होंने एनेस्थेसिया के डॉक्टर को नहीं बुलाया. अधिक एनेस्थेसिया के कारण और सेंटर में आवश्यक पूर्ण सुविधा व उपकरण नहीं रहने के कारण ही उसके भाई की मौत हो गयी.
धीरज ने कहा है कि 28 अगस्त को उसका भाई नीरज अपने गांव बिहार के मुंगेर जिले के संग्रामपुर थाना क्षेत्र के दुर्गापुर से वापस लौट रहा था, तभी रामकृष्ण मोड़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. उसके घुटने में गंभीर चोट थी. ट्रामा सेंटर लाने पर डॉ मनीष ने घुटने में फ्रेक्चर बताया था. तीन दिन तक इलाज कराने के बाद शनिवार दोपहर करीब 3:15 बजे ऑपरेशन के लिये उसे ओटी में शिफ्ट कराया.
जांच रिपोर्ट के बाद डॉक्टर द्वारा नीरज को फिट बताया गया था. बीच-बीच में डॉक्टर उसकी स्थिति ठीक रहने की बात कहते गये. शाम 6:10 बजे अचानक डॉक्टर अंदर-बाहर करने लगे. उनके द्वारा बताया गया कि स्थिति गंभीर है. सदर अस्पताल ले जाइये. लेकिन धीरज ने डॉ अंजय प्रवीण के पास ले जाने का आग्रह किया. उसकी आग्रह को डॉक्टर नहीं माने और सदर अस्पताल ले आये, जहां नीरज को मृत घोषित किया गया.
इधर नगर पुलिस ने नीरज के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये भेजा. सदर अस्पताल के डीएस के नेतृत्व में गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा नीरज के शव का पोस्टमार्टम किया गया. बोर्ड में सर्जन डॉ सुनील कुमार सिंह व डॉ एके अनुज शामिल थे. धीरज की शिकायत पर नगर पुलिस एफआइआर दर्ज करने की कार्रवाई में जुटी है.
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