देवघर : सेंट्रल जेल दुमका में बंद गैंगस्टर अखिलेश सिंह को चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है. इलाज के लिए उसे कड़ी सुरक्षा में मंगलवार को देवघर लाया गया. जहां केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में डॉ अविनाश कुमार सिंह की क्लीनिक में कराया गया. उसके दोनों पांव के घुटनों का एमआरआई व एक्स-रे किया गया. उसके पांव में ऑस्टियोमैलेसिया (हड्डी से जुड़ी बीमारी) है. उसके घुटने में संक्रमण भी है, जिसके लिए उसे बेहतर इलाज की जरूरत पड़ सकती है.
पिछले साल भी यहां अखिलेश को जांच के लिए लाया गया था. यहां उसकी इसीजी भी करायी गयी. सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ मनीष लाल की मौजूदगी में उसकी जांच की गयी. अखिलेश को दुमका से दोपहर 2:30 बजे दुमका एसडीपीओ पूज्य प्रकाश, जरमुंडी एसडीपीओ अनिमेष नैथानी पदाधिकारी व सशस्त्र जवानों के घेरे में कैदी वैन से लेकर पहुंचे.
यहां देवघर पुलिस से उनकी सुरक्षा में एसडीपीओ विकास चंद्र श्रीवास्तव, नगर थाना प्रभारी विनोद कुमार, नगर इंस्पेक्टर टीएन झा, मोहनपुर थाना प्रभारी दीपक कुमार, कुंडा थाना प्रभारी एके टोपनो, एएसआइ फैयाज खान, एसके वाजपेयी, बमबम सिंह, प्रमोद कुमार, साहनी के अलावा काफी संख्या में सशस्त्र जवान 1:30 बजे से ही डटे रहे. मौके पर देवघर सेंट्रल जेल अधीक्षक कुमार चन्द्रशेखर भी मौजूद थे.
कैदी वैन से अखिलेश को पुलिसकर्मियों ने कंधे के सहारे टांग कर उतारा. सुरक्षा घेरे में लेकर सीधे क्लीनिक के अंदर ले गये. करीब ढाई घंटे तक केयर जांच घर के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील रहा. पुन: अखिलेश को कड़ी सुरक्षा के बीच वापस सेंट्रल जेल दुमका ले जाया गया. इस दौरान बाजला कॉलेज मोड़ से ही आगे दो पहिया समेत चार पहिया गाड़ियों को अंदर घुसने नहीं दिया जा रहा था.
आसपास की कई बिल्डिंग पर भी पुलिस ड्यूटी में थी. इस दौरान संत फ्रांसिस स्कूल की छुट्टी हुई, जिसमें अभिभावकों को बच्चों को रिसीव करने में कठिनाई हुई. झारखंड के जमशेदपुर का कुख्यात गैंगस्टर अखिलेश वैसे तो जेलर उमाकांत पांडेय हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. उसे जमशेदपुर से दुमका जेल में सुरक्षा के लिहाज से शिफ्ट कराया गया है. अपराध के जरिए अखिलेश ने अकूत संपत्ति अर्जित की है.
आसपास का इलाका था सील, कठिनाई झेलनी पड़ी लोगों को. नर्सिंग होम के आसपास के इलाके को पुलिस प्रशासन की अोर से सील कर दिया गया था. प्रशासन की चौकसी के बीच उसकी जांच करायी गयी. नर्सिंग होम सहित आसपास के कई घरों की छतों पर पुलिस कर्मियों को हथियार के साथ तैनात किया गया था.
तीन दर्जन से ज्यादा पुलिस कर्मी उसकी सुरक्षा के लिए पूरे इलाके को घेर कर रखे हुए थे. इस दौरान बाजला चौक मोड़ पर बाइक, रिक्शा, कार को अंदर जाने से रोका गया. पुलिस लोगों की चेकिंग कर रही थी. इस दौरान संत फ्रांसिस स्कूल की छुट्टी के वक्त अभिभावकाें को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी. बाजला कॉलेज मोड़ पर दो एंबुलेंस को भी अंदर गली में जाने से रोक दिया गया.
