सारठ. मखदूम बाबा मजार में आयोजित वार्षिक उर्स मेले का अंतिम दिन शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं के साथ संपन्न हुआ. मजार पर आने वाले लोगों की भारी भीड़ रही. मखदूम बाबा की मजार अपनी प्रसिद्धि के कारण झारखंड के अलावा बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों से भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है. श्रद्धालुओं का मानना है कि मजार पर सच्चे मन से मांगी गयी मन्नतें पूरे साल में पूरी होती हैं. गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोग भी यहां 40 दिन तक लगातार हाजिरी देने से ठीक होने की मान्यता रखते हैं. मखदूम बाबा की खिदमत में श्रद्धालु शेरनी और प्रसाद अर्पित करते हैं. छह दिनों तक चलने वाले मेले में शुक्रवार तक लगभग 5,500 से अधिक चादरपोशी हुई. मखदूम बाबा मजार सांप्रदायिक सौहार्द का अनूठा उदाहरण भी है. यहां मुस्लिम के साथ सैकड़ों हिन्दू परिवार भी पवित्रता के साथ चादरपोशी करते हैं. मेला की शांति और व्यवस्था बनाए रखने में सीओ कृष्ण चंद्र सिंह मुंडा, थाना प्रभारी दीपक कुमार साह, बीस सूत्री अध्यक्ष इस्तियाक मिर्ज़ा, उर्स मेला कमेटी अध्यक्ष मो रबुल शेख, मजफ्फर साह, कलाम शेख, मुख्तार साह, शालिग्राम मंडल, मो हुसैन, तौफीक शेख, मो शमीम शेख सहित कई कमेटी सदस्य सक्रिय भूमिका निभायी. मखदूम बाबा मजार पर झामुमो नेता परिमल सिंह ने की चादरपोशी उर्स मेले के अंतिम दिन झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नेता परिमल कुमार सिंह उर्फ भूपेन सिंह ने अपने दर्जनों समर्थकों के साथ मजार में चादरपोशी की और क्षेत्र के लोगों की अमन-चैन की दुआ मांगी. चादरपोशी के बाद उन्होंने कमेटी कार्यालय के मंच पर पहुंचकर समिति के सदस्यों और प्रतिनियुक्त कर्मियों से मेला संचालन और विधि व्यवस्था की जानकारी ली और मजार व मेले के विकास में सहयोग करने का आश्वासन दिया. इस दौरान उनके साथ काऊद अंसारी, पवन राय, सिकंदर अली मिर्जा, रेहान, केरान, खादिम मोजफ्फर साह, तौकीर साह, मौलाना असरफ अली, प्रवीण मिश्रा समेत अन्य मौजूद थे.
मखदूम बाबा मजार पर अकीदतमंदों ने की चादरपोशी
मखदूम बाबा के पाक मजार पर छह दिवसीय मेला का अंतिम दिन
