यूजर चार्ज का विरोध आंदोलन का ले रहा रूप

देवघर : देवघर व मधुपुर में व्यवसायी किसी की सूरत में यूजर चार्ज देने को राजी नहीं है. उन्होंने यूजर चार्ज का विरोध शुरू कर दिया है, जो आंदोलन का रूप लेने लगा है. शहरवासियों का कहना है कि होल्डिंग टैक्स में सफाई, जल व मल कर समाहित है, बावजूद विशिष्ट सफाई के नाम पर […]

देवघर : देवघर व मधुपुर में व्यवसायी किसी की सूरत में यूजर चार्ज देने को राजी नहीं है. उन्होंने यूजर चार्ज का विरोध शुरू कर दिया है, जो आंदोलन का रूप लेने लगा है. शहरवासियों का कहना है कि होल्डिंग टैक्स में सफाई, जल व मल कर समाहित है, बावजूद विशिष्ट सफाई के नाम पर यूजर चार्ज के रूप में दोहरा टैक्स वसूलने का प्रयास किया जा रहा है.
पहले होल्डिंग टैक्स फिर ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए दबाव और अब यूजर चार्ज के रूप में व्यवसायियों पर एक के बाद एक नये टैक्स तथा सभी टैक्सों में दंड शुल्क कतई न्यायोचित नहीं है. नगर निगम के प्रति लोगों में नाराजगी अब दिखने लगी है.
व्यवसायियों ने कहा
दशकों से होल्डिंग टैक्स में ही पानी व शौच का टैक्स कटता था. मगर आज यूजर चार्ज के नाम पर पांच हजार रुपये शुल्क वसूलने की बात कही जा रही है. इसके लिए डीसी व सीइअो की बैठक में होटल मालिकों को होटल के कचरे को कंपोस्ट बनाने का निर्देश दिया गया था. उसके बाद फिर से नया निर्देश समझ से परे है.
– जीवन प्रकाश, होटल मालिक
नगर निगम के द्वारा यूजर चार्ज के नाम पर होटल व्यवसायियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, जो बहुत ही चिंतनीय है. जबकि स्वच्छता अभियान के नाम पर प्रशासन व निगम प्रबंधन की अोर से कई तरह के दिशा-निर्देश दिये गये हैं. जिसका हम सभी पालन कर रहे हैं. बावजूद इस तरह का दबाव दुखद है.
– रवि केसरी, होटल मालिक
पार्षद भी यूजर चार्ज का कर चुके हैं विरोध
व्यवसायियों के इस विरोध में कई पार्षदों का भी समर्थन मिल रहा है. अधिकांश पार्षद एक स्वर से विरोध कर रहे हैं. बोर्ड की बैठक में भी बहुमत से खारिज कर चुके हैं. इसमें पहले सेवा देकर जनता का दिल जीतने की बात कही गयी है. इसके बाद ही जनता की सहमति से यूजर चार्ज को लागू करने को कहा है. यही वजह है कि यूजर चार्ज का हर तरफ विरोध होना शुरू हो चुका है. इधर, नगर निगम प्रशासन कैबिनेट के निर्णय का हवा दे रहा है. साथ ही लिखित रूप से देने पर इसे अनुशंसा कर सरकार को भेज देने की बात निगम ने कही है.
बोर्ड की बैठक में हुआ था हंगामा
निगम संपूर्ण बोर्ड की बैठक में पार्षद कन्हैया दुबे, राम कृष्ण दुबे, शैलजा देवी, आशीष झा, आशीष पंडित, राजन सिंह आदि अधिकांश पार्षदों ने विरोध जताया था. उस समय बीच का रास्ता अपनाने पर सहमति बनी थी. पहले सेवा, बाद में यूजर चार्ज लेने की बात पर मामला शांत हुआ था.

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