अब तो मेंटेनेंस के नाम से ही लोगों का चढ़ रहा पारा

देवघर : देवघर के लोग अब बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य से भी चिढ़ने लगे हैं. दिन तो दिन रोजाना रात में भी बिजली काट दी जा रही है. अब तो बिजली विभाग का मेंटेनेंस का काम भी लोगों के लिए महाटेंशन बन गया है. मंगलवार को भी शहरी क्षेत्र के अधिकांश मुहल्लों में 11 […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 11, 2018 7:06 AM
देवघर : देवघर के लोग अब बिजली विभाग के मेंटेनेंस कार्य से भी चिढ़ने लगे हैं. दिन तो दिन रोजाना रात में भी बिजली काट दी जा रही है. अब तो बिजली विभाग का मेंटेनेंस का काम भी लोगों के लिए महाटेंशन बन गया है. मंगलवार को भी शहरी क्षेत्र के अधिकांश मुहल्लों में 11 घंटे से भी अधिक समय तक बिजली नहीं रही.
लोग कर रहे त्राहिमाम
शहरवासियों के साथ व्यवसायी, उद्यमी सभी त्राहिमाम कर रहे हैं. जब भी बिजली के बारे में पूछा जाता है तो विभाग से एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है अभी मेंटेनेंस का काम चल रहा है. अब तो मेंटेनेंस का नाम सुनकर ही शहरवासियों का पारा चढ़ जा रहा है. दिन तो दिन रात भी लोगों की अंधेरे में कट रही है. विभाग मरम्मत कार्य के लिए तो अपना समय निर्धारित कर बिजली काटने की बात करती है लेकिन, रात में भी ट्रिपिंग व बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है. आखिर विभाग रात में कौन सा मेंटेनेंस करती है.
उठते सवाल: आखिर इस संवेदनशील मुद्दे पर जनप्रतिनिधि क्यों हैं चुप
हर बात पर धरना-प्रदर्शन करने वाले राजनीतिक दल भी जिले में बिजली की दयनीय स्थिति के बावजूद इस संवेदनशील मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं. लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि खुद को जनता की आवाज कहने वाले नेता व राजनीतिक पार्टियां उनकी समस्याओं को लेकर आवाज नहीं उठा रही है. एक तरफ लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है. व्यवसायी से लेकर उद्यमी तक परेशान हैं. बिजली विभाग अपने अनुसार काम कर रही है. लेकिन, उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है. जनप्रतिनिधियों के मौन धारण कर लेने से लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है.
11 घंटे तक परेशान रहे लोग
बिजली विभाग ने काॅलेज पावर हाउस में पावर ट्रांसफाॅर्मर इंस्टॉल करने की बात कहते हुए दिन के 9.30 बजे से शाम पांच बजे तक यानी 8.30 घंटे तक 33 केवीए बिजली बाधित रखने की सूचना दी थी. लेकिन, विभाग की सूचना गलत निकली अौर देवघरवासियों को 11 घंटे से भी ज्यादा समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा. इसके बाद बिजली तो आयी पर ट्रिपिंग बरकरार रही.