एनएफएसए बकाये भुगतान के लिए सरकार ने खोला खजाना, देवघर को सबसे ज्यादा 87.99 लाख, पाकुड़-जामताड़ा सूची से बाहर

एनएफएसए खाद्यान्न बकाये के भुगतान के लिए झारखंड सरकार ने 6.44 करोड़ रुपये जारी किए हैं. देवघर को सबसे अधिक 87.99 लाख मिले, जबकि पाकुड़ और जामताड़ा को इस चरण में राशि नहीं मिली है.

देवघर : राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न के परिवहन और डीलर कमीशन के वित्तीय वर्ष 2023-24 के बकाये भुगतान के लिए झारखंड सरकार ने राज्यांश की राशि आवंटित की है. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव द्वारा जारी आदेश में कुल 6.44 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. इसमें संताल परगना के छह जिलों में से चार जिलों के लिए राशि स्वीकृत की गयी है.

देवघर को 87.99 लाख, दुमका को 57.97 लाख

विभागीय आवंटन के अनुसार, देवघर को 87,99,031 रुपये मिले हैं. यह पूरी राशि डोर स्टेप डिलिवरी मद में है. दुमका को 57,97,484 रुपये जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के तहत डीलर कमीशन/खाद्यान्न हथालन-परिवहन मद में आवंटित किये गये हैं. वहीं साहिबगंज को 43,32,020 रुपये तथा गोड्डा को 33,973 रुपये मिले हैं. इस तरह इन चार जिलों को कुल 1,89,62,508 रुपये आवंटित हुए हैं.

पाकुड़ और जामताड़ा को इस चरण में राशि नहीं

विभागीय आवंटन तालिका में पाकुड़ और जामताड़ा के लिए इस चरण में कोई राशि दर्ज नहीं है. राशि का निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी संबंधित जिले के जिला आपूर्ति पदाधिकारी को बनाया गया है, जबकि उपायुक्त नियंत्री पदाधिकारी होंगे.

बकाये की जांच के बाद ही होगी राशि की निकासी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि राशि की निकासी से पहले बकाये की जांच और संतुष्टि जरूरी होगी. दोहराव या वित्तीय अनियमितता होने पर संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी. भुगतान के बाद उपयोगिता प्रमाण-पत्र भी विभाग को उपलब्ध कराना होगा.

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लेखक के बारे में

By विजय कुमार

विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. पिछले 22 वर्षों से लगातार प्रभात खबर से जुड़ा हूं. शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर सिर्फ ग्राउंड रिपोर्टिंग ही नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और जनहित की आवाज बनने का काम किया. बिजली, नगर निगम व कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति सामने लाकर नीति निर्माण में योगदान दिया. पत्रकारिता की पढ़ाई महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से की.

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