खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं ककहिया के ग्रामीण

थाना क्षेत्र के ककहिया गांव में वन विभाग द्वारा घर तोड़े जाने के बाद लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं. ठंड के इस मौसम में छोटे-छोटे बच्चों के साथ कोई पेड़ के नीचे तो कोई टूटे घर में रह रहा है.

कुंदा. थाना क्षेत्र के ककहिया गांव में वन विभाग द्वारा घर तोड़े जाने के बाद लोग खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को विवश हैं. ठंड के इस मौसम में छोटे-छोटे बच्चों के साथ कोई पेड़ के नीचे तो कोई टूटे घर में रह रहा है. लोग अलाव जलाकर रात बीता रहे हैं. रमेश गंझू व अंबिका यादव ने बताया कि वन विभाग द्वारा घर तोड़े जाने के बाद हमें पेड़ नीचे रहना, सोना व खाना पड़ रहा है. तोड़े गये घर के अलावा दूसरा कोई घर नहीं है. रात के वक्त पेड़ के नीचे सोने में जंगली जानवर व सांप-बिच्छू का भय सताता है. जोकि गंझू, हरि गंझू, मोदन गंझू, रघुनी गंझू, शनिचर गंझू,गौरी गंझू व संफुल देवी भी अपने परिवारों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है. उनका कहना है कि वन विभाग करवाई से पूर्व हमें जानकारी देते तो आज खुले आसमान के नीचे नहीं रहना पड़ता. यह कार्रवाई साजिश के तहत की गयी. कई वर्षों से उक्त जमीन पर घर बना हुआ था. वन विभाग की कार्रवाई से 40-50 लाख का नुकसान हुआ है. प्रभावित परिवारों ने न्यायालय में जाने का मन बनाया है.

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By Prabhat khabar news desk

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