टंडवा से वरूण सिंह की रिपोर्ट
टंडवा. आम्रपाली कोल परियोजना के अंतर्गत रेलवे साइडिंग निर्माण के लिए प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण को लेकर सेरनदाग में आयोजित होने वाली 20वीं ग्राम सभा की सूचना मात्र से ग्रामीण आंदोलित हो गए हैं. हलांकि अंचल विभाग द्वारा लगातार आपत्ति और जनभावनाओं को देखते हुए ग्राम सभा स्थगित कर दिया था, लेकिन ग्रामीणों ने तिथि घोषित होने के विरोध में सेरनदाग बन्द रखा, शुक्रवार को ग्रामीणों ने काला दिवस के रूप में मनाया.
जहाँ ग्रामीणों ने काली पट्टी व काला झंडा लेकर रैली निकाली व रेलवे साइडिंग के नाम पर प्रस्तावित भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया का विरोध किया, ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से जुड़े इस अनावश्यक भूमि अधिग्रहण के खिलाफ उनका विरोध जारी रहेगा. ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी जमीन, घर, धार्मिक एवं सामाजिक स्थलों तथा भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों का समाधान नहीं किया जाता,अपना विरोध दर्ज कराते रहेंगें.
सांसद कालीचरण सिंह की पहल पर कोयला मंत्रालय द्वारा कोल इंडिया लिमिटेड एवं संबंधित महाप्रबंधक से रेलवे साइडिंग के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में जवाब मांगा गया था. साथ ही अनावश्यक भूमि को अधिग्रहण प्रस्ताव से मुक्त करने तथा रेलवे लाइन के लिए आवश्यक भूमि के मानचित्र का पुनः निर्धारण करने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे.
पर इस पत्र के आलोक के कोई स्थायी समाधान नही किया गया, जिससे ग्रामीणों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है. बताया कि विधायक उज्ज्वल दास जेएमएम जिला अध्यक्ष निलेश ज्ञानसेन द्वारा भी लगातार पत्राचार के बाद भी ग्राम सभा की तिथि निकाली जा रही है,ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद 21 अगस्त को प्रस्तावित 20वीं ग्राम सभा स्थगित हुई है.
इसके लिए ग्रामीण जनता ने सभी जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया है, ग्रामीणों ले आंदोलन में शामिल निलेश ज्ञानसेन व गोविंद तिवारी ने कहा कि सेरनदाग की ग्रामीण जनता की एकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही एकता आंदोलन को सफल बनाएगा.
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