चतरा: पुलिस ने भाकपा माओवादी संगठन को दोबारा सक्रिय करने की साजिश को विफल करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने दो माओवादियों को हथियार, जिंदा कारतूस और आगजनी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के साथ गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे भाकपा माओवादी संगठन के जोनल कमांडर मनोहर गंझू के निर्देश पर भुईयांडीह घाटी में फायरिंग कर मालवाहक वाहनों में आगजनी की घटना को अंजाम देकर इलाके में दहशत फैलाने वाले थे। यह जानकारी एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने मंगलवार को एसपी कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि तीन अगस्त को एसपी अनिमेष नैथानी को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक कुंदा से प्रतापपुर-जोरी होते हुए भुईयांडीह की ओर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने आ रहे हैं। सूचना मिलते ही उनके नेतृत्व में विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान धराए आरोपी
पुलिस टीम ने प्रतापपुर-कुंदा मुख्य मार्ग पर बलवादोहर गांव के पास चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान कुंदा की ओर से आ रही एक बाइक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर दोनों युवक बाइक तेज गति से भागने लगे। पुलिस बल ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया।
गिरफ्तार युवकों की पहचान कुंदा थाना क्षेत्र के कोजरम निवासी सुरेंद्र गंझू व करिलगड़वा निवासी संजय गंझू के रूप में हुई।
एसडीपीओ ने बताया कि दोनों माओवादी जोनल कमांडर मनोहर गंझू के निर्देश पर भुईयांडीह घाटी में फायरिंग कर दहशत फैलाने व मालवाहक वाहनों में आग लगाने जा रहे थे। इसका उद्देश्य क्षेत्र में भय का माहौल बनाकर माओवादी संगठन की सक्रियता दिखाना था।
एसडीपीओ ने कहा कि चतरा जिले में लगभग समाप्ति की ओर पहुंच चुके भाकपा माओवादी संगठन को फिर से खड़ा करने के लिए नए युवकों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही, इससे जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
हथियार बरामद
गिरफ्तार दोनों आरोपियों की तलाशी लेने के दौरान एक देशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, करीब एक लीटर पेट्रोल, एक माचिस, एक मोटरसाइकिल (जेएच01डीएस-4698) तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
