उबड़-खाबड़ सड़क होने के कारण आने-जाने में होती थी परेशानी
: उबड़-खाबड़ सड़क होने के कारण आने-जाने में होती थी परेशानी
प्रतापपुर. प्रखंड के सुदूरवर्ती व अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र सिदकी पंचायत के हिंदिया गांव के लोगों ने श्रमदान कर दो किमी सड़क की मरम्मत कर चलने लायक बनाया. श्रमदान के साथ-साथ मरम्मत कार्य में जेसीबी को लगाया गया. उबड़-खाबड़ होने के कारण इस रास्ते आवागमन करने में काफी परेशानी हो रही थी. आये दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे थे, जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने श्रमदान कर सड़क की मरम्मत करने का निर्णय लिया. इस निर्णय के तहत सभी कुदाल व अन्य निर्माण सामग्री लेकर सड़क पर उतरे. इस कार्य में पुरुषों के अलावा महिलाओं ने भी सहयोग किया. सभी ने मिट्टी मोरम भर कर सड़क को चलने लायक बनाया. सड़क मरम्मत हो जाने से अब गांव तक चार पहिया व बाइक से पहुंचा जा सकता है. अनुज सिंह भोक्ता, संतोष सिंह भोक्ता, हरदयाल गंझू, महेश गंझू, शांती देवी, विगनी देवी, पूजा कुमारी समेत अन्य ने बताया कि सड़क नहीं रहने से बरसात के दिनों में काफी परेशानी होती है. गांव में ममता वाहन नहीं पहुंचता था, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती थी. गांव में लोग अपनी बेटी का रिश्ता नहीं करना चाहते थे. बच्चे स्कूल नहीं जा पाते थे. बरसात के दिनों में नदी-नाला में अधिक पानी होने के कारण आवागमन ठप हो जाता था. ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के वक्त लोग सड़क, नदी नाला में पुल पुलिया बनाने का वादा करते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होते ही भूल जाते हैं. गांव में सड़क नहीं बनी, तो अगला चुनाव का बहिष्कार किया जायेगा. उक्त गांव अनुसूचित जनजाति बहुल है.
सड़क बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है : बीडीओ
बीडीओ अभिषेक पांडेय ने कहा कि ग्राम सभा कर सड़क बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया है. डीएमएफटी से सड़क बनाने की मांग करेंगे. मुखिया सुरेश राम ने कहा कि सड़क बनाने के लिए कई बार ग्राम सभा से पास कर जिला को भेजा गया है, लेकिन अब तक सड़क नहीं बनी है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.