चतरा. आइसीएफएआई के सुमित राठौर ने कहा कि वर्तमान समय में किताबी ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग लेना अत्यंत आवश्यक है. आइसीएफएआई समूह के अंतर्गत 11 विश्वविद्यालय, नौ बिजनेस स्कूल, सात टेक्नोलॉजी स्कूल और तीन फार्मेसी स्कूल शामिल हैं. संस्था को लचीली शिक्षा के क्षेत्र में चार दशकों का अनुभव है. संस्था का उद्देश्य लोगों को विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है. निरंतर अच्छा प्रदर्शन करें छात्र-छात्राएं मानव रचना एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के नवीन झा ने कहा कि सम्मान मिलने से विद्यार्थियों को निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है. मानव रचना 30 वर्षों की शानदार विरासत के साथ शिक्षा के क्षेत्र में नये मानक स्थापित कर रहा है. शैक्षणिक उत्कृष्टता और विविध कोर्स के माध्यम से संस्थान उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान कर रहा है. यहां पढ़ाई के अनेक विकल्प उपलब्ध हैं. छात्रा रिक्की कुमारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में गरीबी और अमीरी कभी बाधा नहीं बनती. यदि किसी के अंदर सीखने की इच्छा, मेहनत करने का जज्बा और आगे बढ़ने का संकल्प हो, तो वह किसी भी परिस्थिति में सफलता हासिल कर सकता है. ये हैं कार्यक्रम के प्रायोजक : समाजसेवी उदय कुमार वर्मा, झामुमो जिलाध्यक्ष सह कबरा मुखिया नीलेश ज्ञासेन, चतरा लोकसभा क्षेत्र के सीसीएल सांसद प्रतिनिधि प्रेम विकास, गिद्धौर सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र कुमार दांगी, जय मां कंस्ट्रक्शन गिद्धौर के प्रोपराइटर सह समाजसेवी आशीष कुमार, हंटरगंज के समाजसेवी राकेश कुमार सिंह, सिमरिया के शिक्षाविद् प्रेमलता चंद्रा, लाला प्रीतम बीएड कॉलेज के सचिव लाला प्रसाद साहू शामिल हैं.
किताबी ज्ञान के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग जरूरी
कहा गया संस्था का उद्देश्य लोगों को विश्वस्तरीय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है
