छर्री का कीमत बढ़ने से लोग परेशान

जिले में माइंस संचालकों पर जिला प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाई के बाद से छर्री का दाम बढ़ गया है. छर्री का दाम बढ़ने से अबुआ आवास, पीएम आवास के लाभुकों के साथ-साथ आम लोगों को घर बनाने में आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.

चतरा. जिले में माइंस संचालकों पर जिला प्रशासन द्वारा की गयी कार्रवाई के बाद से छर्री का दाम बढ़ गया है. छर्री का दाम बढ़ने से अबुआ आवास, पीएम आवास के लाभुकों के साथ-साथ आम लोगों को घर बनाने में आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है. आवास का कार्य नहीं कर पा रहे है. इसके अलावा बालू की कीमत भी बढ़ी हुई है. करीब प्रति ट्रैक्टर एक हजार रुपये दाम में बढ़ोतरी हुई है. जिला मुख्यालय में छह हजार के जगह सात हजार प्रति ट्रैक्टर छर्री बिक रहा हैं, तो क्रशर के आसपास क्षेत्र के लोगों को पांच हजार के जगह छह हजार प्रति ट्रैक्टर छर्री खरीदना पड़ रहा है. मालूम हो कि एक माह पूर्व जिला प्रशासन ने नियमों का अनदेखी कर पत्थर माइंस संचालित करने वाले संचालकों पर कार्रवाई की गयी थी. साथ ही मोटी रकम जुर्माना लगाया गया. कई माइंस को बंद कर दिया गया. इसके बाद से छर्री मिलना बंद हो गया. कुछ माइंस संचालक व क्रशर मालिकों के द्वारा छर्री की बिक्री की जा रही है. वे अधिक पैसा लेकर छर्री उपलब्ध करा रहे है. पत्थलगड्डा प्रखंड के नावाडीह बाजोबार गांव के महावीर प्रसाद ने बताया कि पहले पांच हजार रुपये ट्रैक्टर छर्री मिलता था, अब छह हजार रुपये कर दिया गया. तारकेश्वर राणा व नरेश प्रसाद ने कहा कि पीएम व अबुआ आवास के लाभुकों को प्राक्कलन के अनुसार कार्य करना पड़ रहा है. अतिरिक्त आर्थिक बोझ सहना पड़ रहा है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से छर्री का दर निर्धारित कर लाभुकों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >