धर्मेन्द्र गुप्ता की रिपोर्ट
सिमरिया. प्रखंड के कान्हुखाप स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल दासी पहाड़ में सोमवार की शाम प्राकृतिक पर्व करम को लेकर करम मिलन समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुखिया बिनोद महतो मौजूद रहे. समारोह की शुरुआत मुख्य अतिथि बिनोद महतो और पाहन जीतन गंझु ने करम की डाली स्थापित कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की. करम का पौधा वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराया गया था.
10 गांवों की मंडलियों ने दी प्रस्तुति
करम मिलन समारोह में इतीज, लोहरा, हुडमुड़, मरहा, बोंगादाग, टुटकी, उरूब, फुसरी, चौथा और हुरनाली गांव की नृत्य मंडलियों ने हिस्सा लिया. सभी मंडलियों ने करम पर्व से जुड़े गीत प्रस्तुत किए. इसके साथ ही झकझोर झूमर का भी आयोजन हुआ. महिला और पुरुष कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया. झकझोर झूमर की प्रस्तुति से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद लोग उत्साहित नजर आए.
करम भाई-बहन के प्रेम का पर्व : मुखिया
मुखिया बिनोद महतो ने कहा कि करम प्राकृतिक पर्व है और यह भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि बहनें दिनभर निर्जला उपवास रखकर व्रत करती हैं और अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से अलग-अलग गांवों के लोगों के बीच आपसी सामंजस्य और भाईचारा मजबूत होता है.
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सभी मंडलियों को ढोल-मांदर देकर किया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान गीत, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाली सभी मंडलियों को आयोजक दल और मुखिया की ओर से सांत्वना पुरस्कार के रूप में ढोल और मांदर देकर सम्मानित किया गया. आयोजक दल के अध्यक्ष प्रेम गंझु ने कहा कि हर साल करमा मिलन समारोह का आयोजन किया जाता है. इससे गांव की नृत्य मंडलियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी सभी गांवों की मंडलियों ने बेहतर प्रदर्शन किया.मौके पर आयोजक दल के सचिव सूरज गंझु, उपाध्यक्ष कामाख्या भोगता, सह सचिव नेमनाथ गंझु, कोषाध्यक्ष मादी गंझु, अर्जुन गंझु, बिनोद भोगता समेत कई लोग मौजूद थे.
