मयूरहंड से पिंटू कुमार राणा की रिपोर्ट
चतरा जिले के मयूरहंड प्रखंड मुख्यालय में एक अच्छी खबर है. श्मशान घाट के बगल में वर्षों से बंजर पड़ी ज़मीन अब हरी-भरी हो गई है. मयूरहंड के दो किसानों विनोद साव और राजेश साव की मेहनत से छह एकड़ भूमि पर मक्के की फसल लहलहा रही है. फसल में अब दाने भी भरने लगे हैं. किसानों को करीब 25 क्विंटल मक्का उत्पादन की उम्मीद है.
50 हजार रुपये कर्ज लेकर शुरू की खेती
दोनों किसानों ने महिला मंडल से 50 हजार रुपये कर्ज लेकर पायोनियर किस्म के मक्के का बीज खरीदा और बंजर पड़ी जमीन पर इसकी खेती शुरू की. फसल की अच्छी स्थिति देखकर दोनों किसान काफी खुश हैं और उन्हें बेहतर उत्पादन की उम्मीद है.
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मक्के के बाद आलू की खेती की तैयारी
किसान विनोद साव और राजेश साव ने कहा कि मक्के की बेहतर पैदावार देखकर उनका मन प्रफुल्लित है. जिस जगह पर उन्होंने मक्के की फसल लगायी है, वह जमीन वर्षों से बंजर पड़ी थी. उन्होंने बताया कि मक्के की फसल के बाद अब इसी जमीन पर आलू की खेती भी करेंगे.
दूसरे किसानों के लिए बने प्रेरणा
दोनों किसानों का लक्ष्य बंजर जमीन को खेती योग्य बनाकर उसका बेहतर उपयोग करना है. उनकी मेहनत से न सिर्फ वर्षों से बेकार पड़ी जमीन का उपयोग हुआ है, बल्कि आसपास के अन्य किसानों को भी खेती के लिए प्रेरणा मिल रही है. उनके इस प्रयास को देखकर, पड़ोसी गाँव के राम सिंह ने भी अगले मौसम में ऐसी ही ज़मीन पर खेती करने का फैसला किया है.
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