नई तकनीकी से खेती कर किसान बन रहे हैं आत्मनिर्भर

टंडवा व सिमरिया के किसान नई तकनीक से खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं

19 सीएच 2- किसानो को जानकारी देते प्रशिक्षक. चतरा. टंडवा व सिमरिया के किसान नई तकनीक से खेती कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं. रूट्स फाउंडेशन से किसान प्रशिक्षण कर अपने खेतों में नयी तकनीकी का प्रयोग कर रहे हैं. किसानों को यह प्रशिक्षण सीसीएल के सीएसआर के तहत हरित समृद्धि परियोजना के तहत दिया जा रहा है. प्रशिक्षण करा कर नयी तकनीकी से फसलों को उगाने की जानकारी दी गयी है. प्रोजेक्ट एसोसिएट दुर्गेश शर्मा ने कहा कि फाउंडेशन के द्वारा खधैया के एनटीपीसी हॉल में अब तक करीब दो हजार किसानों को आधुनिक कृषि का प्रशिक्षण दिया गया है. फाउंडेशन ने एक एकड़ में मॉडल फॉर्म की स्थापना की गयी हैं, जहां किसानो को टपक, मल्चिंग विधि से स्ट्रोबेरी, तरबूज, खीरा, परवल आदि फसलो की खेती की जानकारी दी गयी है. सिमरिया व टंडवा के 60 गांवो में 75 डेमो फॉर्म बनाया गया है. प्रशिक्षण के बाद पूर्व की तुलना किसानो के खेतो से उत्पादन में बढ़ोतरी हुई. जिससे किसान लाभान्वित हो रहे है. प्रशिक्षक मोनू कुमार सिंह, विकास कुमार, प्रणव कुमार के द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वहीं डेमो ऑफिसर राहुल प्रजापति, विक्रम कुमार, सतीश कुमार, अमन कुमार, अश्विनी कुमार सिंह किसानों का फीडबैक ले रहे है.

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By Vikash nath

26 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हूं. रिपोर्टिंग के साथ डेस्क का काम करने भी अनुभव प्राप्त है. खेल डेस्क में भी काम करने का अनुभव है. रुरल के संस्करणों को देखता हूं.

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