दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति नहीं चाहिए : बीपीओ

राज्य संपोषित प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय में सोमवार को समावेशी शिक्षा के तहत उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया.

चतरा. राज्य संपोषित प्लस टू बालिका उच्च विद्यालय में सोमवार को समावेशी शिक्षा के तहत उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. उद्घाटन बीपीओ राहुल कुमार व प्रधानाध्यापिका नीतू कुमारी प्रजापति ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर बीपीओ ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति नहीं चाहिए. उनके प्रति संवेदनशील होने की आवश्यकता है. दिव्यांग बच्चों के प्रति आप जितना संवेदनशील बनेंगे, उतना अधिक सुरक्षा प्रदान कर पायेंगे. उन्होंने अभिभावकों से दिव्यांग बच्चों को नियमित रूप से स्कूल लाने के लिए प्रेरित किया. कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को शिक्षा देना हमारी जिम्मेवारी है. कार्यक्रम में बच्चों में विभिन्न प्रकार के दिव्यांगता की पहचान करने की जानकारी दी गयी. कार्यशाला में उपस्थित लोगों को स्कूलों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को व्यवसायिक शिक्षा से जोड़ने की जरूरत व वर्तमान परिपेक्ष में दिव्यांग बच्चों के गृह आधारित शिक्षा का महत्व बताया गया. इसके अलावा कार्यशाला में दिव्यांग बच्चों को सरकार से मिलने वाली सुविधा, देखभाल करने, उन्हें पढ़ाने आदि के बारे में जानकारी दी गयी. इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर रिसोर्स शिक्षक अशोक कुमार सिंह, विनय कुमार पाठक, राधाकृष्ण पांडेय, सीमा श्रीवास्तव, श्यामाकिशोर, सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक, शैक्षिक प्रशासक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व अभिभावक उपस्थित थे.

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