मो तसलीम
Chatra: बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक ताजा उदाहरण सामने आया है. शिला थाना क्षेत्र के ईद गांव निवासी नागेश्वर भुइयां का 5 साल का बेटा आर्यन कुमार गुरुवार की शाम को लापता हो गया था. काफी खोजबीन के बावजूद देर शाम करीब 6:30 बजे तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिजनों ने शिला ओपी को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही शिला ओपी प्रभारी हरीशचंद्र तिरवार ने सीनियर पदाधिकारियों को जानकारी देते हुए ओपी में बहाल सभी पुलिस पदाधिकारियों, जवानों व चौकीदारों के साथ तुरंत ही खोजबीन अभियान शुरू कर दिया.
कई टीम बनाकर पुलिस ने शुरू की खोज
पुलिस टीम ने अलग-अलग दिशाओं में कड़ी तलाशी अभियान चलाया. खोजबीन के दौरान पिरी जंगल में सड़क किनारे एक बच्चा रोते हुए मिला, जो नंगे पैर था और केवल गंजी पहने हुए था. बच्चे को देख वहां से गुजर रहे लोग भी रुक गए. स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे की पहचान कर उसके परिजनों का पता लगाया गया और करीब तीन घंटे के अंदर आर्यन कुमार को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया.
बहन के पीछे-पीछे गया था बच्चा
बच्चे के पिता नागेश्वर भुइयां व मां छोटिया देवी ने बताया कि शाम के समय आर्यन की बड़ी बहन कुमकुम कुमारी अपनी नानी के घर टीकुलिया (सिमरिया) के लिए निकली थी. उन्होंने बताया कि हो सकता है उसी का पीछा करते हुए आर्यन घर से निकल गया और करीब सात किलोमीटर दूर पिरी जंगल तक पहुंचकर भटक गया. बच्चे की सुरक्षित बरामदगी होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली. इस प्रकार पुलिस की तत्परता से कुछ अनहोनी होने से पहले की बच्चे को उनके माता-पिता से मिला दिया गया.
ये भी पढ़ें…
कौन है मुठभेड़ में ढेर हुआ नक्सली अनल दा? माओवादी संगठन का माना जाता था बड़ा रणनीतिकार
धनबाद में वर्चस्व को लेकर दो गुट भिड़े, जमकर चले लाठी डंडे, BCCL के अधिकारी समेत कई घायल
