Chatra Crime News, चतरा, (मो० तसलीम): चतरा सदर पुलिस ने विकास कुमार उर्फ करमजीत हत्याकांड मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में टंडवा थाना क्षेत्र के कुड़लौंगा गांव की रहने वाली लीला देवी और हरैया टोला के रहने वाले राजेश घांसी शामिल हैं. पुलिस ने घटनास्थल से एक जिंदा गोली और एक गोली का खोखा भी बरामद किया है. दोनों आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया.
गिरफ्तार राजेश घांसी ने ही 50 हजार रुपये में उपलब्ध कराया था पिस्टल
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार राजेश घांसी ने ही 50 हजार रुपये में पिस्टल उपलब्ध कराया था. वहीं, इस मामले में मुख्य अभियुक्त सहित कई अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. मृतक विकास कुमार उर्फ करमजीत के पिता खुशीयाल साव के आवेदन के आधार पर पांच नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. नामजद आरोपियों में आदित्य साव, उनकी पत्नी लीला देवी, शंकर कुमार, दुर्गा कुमार, मोहन साव और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं.
बोलेरो वाहन से पीछा कर मार दी गोली
मृतक के पिता ने अपने आवेदन में पुलिस को बताया है कि 13 मार्च को उनका पुत्र विकास एक पुराने मुकदमे की तारीख पर चतरा कोर्ट गया था. अदालत में पेश होने के बाद शाम में वह अपने बाइक से घर वापस आ रहा था. इस दौरान आरोपियों ने बाइक और बोलेरो वाहन से उसका पीछा किया और जवाहर नवोदय विद्यालय के पास धमधम्मा गांव के समीप षड्यंत्र के तहत गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.
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फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए चल रही छापेमारी
मामले को लेकर संदीप सुमन ने बताया कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा. छापेमारी टीम में सदर थाना प्रभारी अवधेश सिंह, केस अनुसंधानकर्ता एसआई मो. कासिम अंसारी, एसआई मनीष कुमार सहित कई पुलिसकर्मी और तकनीकी टीम के सदस्य शामिल थे.
क्या है मामला
बताया जाता है कि मृतक विकास कुमार उर्फ करमजीत की हत्या मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है. जानकारी के मुताबिक प्रेमिका से प्रेमी को अलग करने के उद्देश्य से विकास की गोली मार कर हत्या की गयी है. विकास ने दो साल पूर्व 2024 में टंडवा थाना क्षेत्र के एक नाबालिग लड़की को अपने साथ लेकर हरिद्वार चला गया. जहां उसने प्रेम विवाह कर लिया. इस दौरान नाबालिग के पिता ने थाना में आवेदन देकर पुत्री को बहला फुसला कर भगाकर ले जाने व यौन संबंध का मामला दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस ने दोनों को हरिद्वार से पकड़कर चतरा लाया गया और युवक को जेल भेज दिया. जब नाबालिग ने घर पर रहने से इनकार कर दिया तो उसे ऊंटा स्थित बालिका आश्रय गृह में रखा गया. इस बीच विकास ने तीन माह जेल की सजा काटी और कुछ समय पहले ही जमानत पर बाहर आया. जेल से बाहर आने के बाद दोनों बीच-बीच में मोबाइल से बातचीत करते थे. घर वालों को उन दोनों का बात करना पसंद नहीं था. दूसरी तरफ नाबालिग लड़की दो से तीन माह में बालिग हो जाती. परिजनों को अंदेशा था कि वे दोनों फिर से मिल जायेंगे. इस वजह से जब युवक कोर्ट में पेश होने शुक्रवार को चतरा जिला अदालत आया तो लौटने के दौरान उनकी गोली मारकर हत्या कर दी.
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