बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा है बधार गांव

चतरा-पलामू सीमा पर डुमरवार पंचायत स्थित बधार गांव में गुरुवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया

प्रतापपुर. चतरा-पलामू सीमा पर डुमरवार पंचायत स्थित बधार गांव में गुरुवार को प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए और गांव की जमीनी हकीकत से पर्दा हटाया. ग्रामीणों ने बताया कि बधार गांव आज भी बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. गांव में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र नहीं होने के कारण बच्चे शिक्षा से दूर हैं. पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं. जलमीनार बेकार, चापानल से भी दूर है पानी बुधन गंझू ने बताया कि गांव में लगे दोनों जलमीनार वर्षों से बेकार पड़े हैं. ग्रामीणों को एक किलोमीटर दूर चापाकल से पानी लाना पड़ता है. गर्मी के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है. ट्रांसफार्मर खराब, बिजली सप्लाई ठप चंदन कुमार ने कहा कि गांव का ट्रांसफार्मर लंबे समय से खराब पड़ा है, जिससे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है. बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है. स्वास्थ्य केंद्र नहीं, ममता वाहन गांव नहीं पहुंचता पूनम देवी ने बताया कि गांव में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है. गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को 25 किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जाना पड़ता है. सड़क नहीं होने से ममता वाहन भी गांव तक नहीं पहुंच पाता. रोजगार नहीं, सड़क नहीं, खेत सूने पड़े हैं रामेश्वर गंझू ने बताया कि गांव में सड़क का नामोनिशान नहीं है. वाहनों का आना-जाना संभव नहीं, लोग आज भी पैदल ही सफर करने को मजबूर हैं. सिंचाई की सुविधा न होने के कारण खेती ठप पड़ी है और रोजगार के साधन नहीं हैं.

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Published by: Deepak

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